जज्बे को सलाम: पति की मौत के बाद टूट गई थी शिखा खन्ना, आज लोगों को दे रही हैं रोजगार

3/7/2021 8:15:37 PM

प्रयागराज: उत्तर प्रदेश के प्रयागराज जिले में एक महिला समाज के लिए ऐसी मिसाल पेश कर रही है जिसके चर्चे जिले में ही नहीं बल्कि पूरे प्रदेश में हो रहे हैं। मीरापुर की रहने वाली शिखा खन्ना की बीती जिंदगी ऐसी है जिनको सुनकर हर कोई सहम जाएगा, लेकिन शिखा खन्ना ने मुसीबत से हार नहीं मानी। उनका जज्बा और पॉजिटिव सोच आज उनकी कामयाबी का कारण बना हुआ है।
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शिखा खन्ना के पति की मृत्यु सन 2002 में हो गई थी। जिसके बाद पूरे परिवार में के ऊपर एक बड़ी मुसीबत आ गई थी। उस दौरान शिखा के दोनों बच्चे बेहद छोटे थे और उनकी परवरिश के लिए शिखा खन्ना बेबस नजर आ रही थी। मुसीबत के पल के दौरान खानदान वालों ने भी उनका साथ छोड़ दिया था।

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लेकिन शिखा खन्ना ने हिम्मत नहीं हारी, पति की मृत्यु के कुछ ही महीनों के बाद शिखा खन्ना ने एक छोटे से ब्यूटीक के काम से जिंदगी फिर से जीने की शुरुआत की और धीरे-धीरे बिना किसी की परवाह किए अपने कारोबार को आगे बढ़ती गई।

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शिखा खन्ना का कहना है कि पति की मौत के बाद कुछ महीनों तक वह डिप्रेशन में जरूर थी क्योंकि कोई भी उनका साथ नहीं दे रहा था। लेकिन बच्चों को उच्च शिक्षा देने के लिए उन्होंने समाज के आगे हार नहीं मानी। ई-रिक्शा में बैठकर उन्होंने प्रयागराज के कई क्षेत्रों में जाकर के चाट - पकौड़ो की स्टॉल भी लगाई और स्कूलों में बच्चों के ड्रेस बनाने का भी काम किया। प्रयागराज के रहने वाले सैय्यद सैफ का कहना है कि शिखा खन्ना समाज के लिए एक मिसाल हैं और उनकी इस लग्न और जज्बे से लोगों को प्रेरणा लेनी चाहिए। आज शिखा खन्ना का बेटा सुप्रीम कोर्ट में कार्यरत हैं, जबकि बेटी एक लेक्चरर बन गई है।

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पंजाब केसरी के संवाददाता सैय्यद रजा ने उनसे खास बातचीत कर बताया कि अपने 18 साल की कड़ी मेहनत के बाद आज वह आत्म निर्भर हैं और 50 से ज्यादा लोगों को उन्होंने रोजगार दे रखा है। हालांकि शिखा खन्ना के चर्चे पूरे प्रयागराज में है और लोग इनकी जमकर सराहना कर रहे है।


Content Writer

Ramkesh

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