शाहजहांपुर में ‘जल जीवन मिशन' योजना का दिखा असर, घर-घर जलापूर्ति का कनेक्शन देने में बना अव्वल

punjabkesari.in Sunday, Nov 27, 2022 - 12:30 PM (IST)

शाहजहांपुर: उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर जिले के ग्रामीण इलाकों के लोगों को कभी शुद्ध पेयजल के लिए लंबी कतारों में खड़ा होना पड़ता था, लेकिन इस संकट का समाधान करते हुए यह जिला अक्टूबर महीने में घर-घर जलापूर्ति का कनेक्शन देने के मामले में अव्वल बनकर उभरा है। अधिकारियों के ठोस प्रयासों और स्थानीय आबादी के सहयोग से शाहजहांपुर में ‘जल जीवन मिशन' के तहत इस साल अक्टूबर तक 88,823 घरों में नल लगाकर स्वच्छ पेयजल की आपूर्ति सुनिश्चित की गई है।

घर-घर जलापूर्ति सुनिश्चित करने के मामले में देश में प्रथम
जल जीवन सर्वेक्षण के मुताबिक, अकेले अक्टूबर माह में 28,653 नल लगाए गए हैं, जिससे इस जिले को घर-घर जलापूर्ति सुनिश्चित करने के मामले में पूरे देश में प्रथम स्थान प्राप्त हुआ है। शाहजहांपुर के जिलाधिकारी उमेश प्रताप सिंह ने बातचीत में कहा कि ग्रामीण अक्सर शिकायत करते थे कि उनके गांवों में इंडिया मार्क के हैंडपंप काफी दूरी पर लगाए गए हैं और इनमें से ज्यादातर काम भी नहीं करते हैं। उन्होंने कहा कि ग्रामीणों के पास अपने-अपने घरों में नल लगवाने के लिए पर्याप्त राशि भी नहीं है, जिस कारण पानी के लिए एक हैंडपंप पर औसतन 150 लोग निर्भर हैं। गंगा, राम गंगा, बाहुबल, खन्नौत और गर्रा सहित पांच नदियों से घिरे होने के बावजूद इस जिले में स्थानीय लोगों के लिए शुद्ध पानी उपलब्ध कराना एक बड़ा मुद्दा था।

इंडिया मार्क हैंडपंप के पास लोगों की लगी रहती थीं लंबी कतारें
सिंह ने कहा कि उन्होंने जब ग्रामीण इलाकों का दौरा किया तो पाया कि पानी लेने के लिए इंडिया मार्क हैंडपंप के पास लोगों की लंबी कतारें लगी हुई थीं, जिसके बाद उन्होंने तुरंत जल जीवन मिशन से जुड़े अधिकारियों की बैठक बुलाई और हर घर में जल्द से जल्द पानी की टंकियों से शुद्ध पानी पहुंचाने का सख्त निर्देश दिया। इस पहल से लाभान्वित सुजातपुर गांव की नेहा शुक्ला ने  कहा, “पहले हमारे घर में कोई भी काम तब शुरू हो पाता था, जब मेरे पिता दूर जाकर पानी ले आते थे। अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा चलाई गई योजना से हमारे घर में नल लग गया है और हमें शुद्ध पानी मिल रहा है।” उसी गांव के रहने वाले भोलू त्रिपाठी ने कहा, “पहले हमें गंदा पानी मिल रहा था और जब जल जीवन मिशन की जल सखी ने पानी की जांच की तो यह प्रदूषित निकला। बाद में जब जिलाधिकारी दौरे पर आए तो हमने इसकी शिकायत की और कुछ ही दिनों के बाद हमारे गांव के हर घर में पानी का कनेक्शन उपलब्ध करा दिया गया।

 103 स्थानों पर पानी की टंकियों का हो चुका है निर्माण 
 वहीं, रुधौली गांव की सुनहरी देवी ने कहा, “मेरी बुआ दिव्यांग है। वह पानी लाने के लिए घर से बाहर नहीं जा सकती। लेकिन अब घर में ही नल लगा दिया गया है और वह आसानी से सारा काम कर सकती है।” हथोड़ा गांव निवासी विकास गुप्ता का कहना है कि उसके गांव में पानी की टंकी बनने से अब लोगों को शुद्ध पेयजल नसीब होने लगा है। जिलाधिकारी उमेश प्रताप सिंह ने बताया कि शाहजहांपुर में 2019 में पानी की 25 टंकियां बनाई गई थीं और अब ग्रामीण क्षेत्रों में 103 स्थानों पर पानी की टंकियों का निर्माण किया जा चुका है, जिससे घरों को कनेक्शन देकर सीधे पानी उपलब्ध कराना संभव हो गया है। उन्होंने कहा, “हमारा लक्ष्य जिले में 1,033 स्थानों पर पानी की टंकियां बनाने का है, जिसके लिए हमें 1,026 स्थानों पर जमीन उपलब्ध कराई जा चुकी है।

अब लोगों को मिला रहा है पीने के लिए शुद्ध जल 
 सिंह के मुताबिक, 650 टंकियों के निर्माण का काम जल्द शुरू हो जाएगा, जबकि 350 टंकियों का निर्माण पूरा होने के कगार पर है। जिलाधिकारी के अनुसार, इंडिया मार्क नल पहले विधायक निधि से लगाए जाते थे और पूरे विधानसभा क्षेत्र में 100 नल लगाने का लक्ष्य था, लेकिन 2018 के बाद से यह काम भी बंद हो गया। उन्‍होंने कहा कि विधायक निधि से लगाए गए कुछ ही नल चालू अवस्था में हैं और इनके रखर‍खाव और दोबारा बोरिंद आदि का कार्य ग्राम पंचायत कराती है। सिंह ने बताया, “टंकियों से क्लोरीन मिला पानी उपलब्ध कराया जा रहा है, जो बैक्टीरिया और वायरस को खत्म करने में सक्षम है। इसके अलावा, हर गांव में दो महिलाओं का चयन कर उन्हें पानी की जांच का प्रशिक्षण दिया गया है। इन महिलाओं को समय-समय पर पानी की शुद्धता जांचने का दायित्व भी सौंपा गया है। ये महिलाएं अपनी परीक्षण रिपोर्ट शासन को भेजती हैं।” 


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Ramkesh

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