स्वास्थ्य सेवाओं में यूपी ने रचा नया इतिहास: सीएम योगी

punjabkesari.in Friday, Apr 10, 2026 - 04:59 PM (IST)

लखनऊ: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अटल बिहारी वाजपेई चिकित्सा विश्वविद्यालय में काडिर्योलॉजी सोसायटी ऑफ इंडिया द्वारा आयोजित ‘नेशनल इंटरवेंशनल काउंसिल-2026 (एनआईसी-2026)' का उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने अब तक गरीब मरीजों के इलाज के लिए 1400 करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की है।       

'यूपी अब देश की अर्थव्यवस्था का 'ग्रोथ इंजन' बन चुका'
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि उत्तर प्रदेश अब देश की अर्थव्यवस्था का 'ग्रोथ इंजन' बन चुका है। उन्होंने कहा कि करीब 9 वर्ष पहले तक यूपी को बीमारू राज्य माना जाता था, लेकिन आज प्रदेश विकास की नई ऊंचाइयों को छू रहा है। उन्होंने बदलती जीवनशैली पर चिंता जताते हुए कहा कि आधुनिक दिनचर्या ने बीमारियों को बढ़ावा दिया है। हमारे सामने दो बड़ी चुनौतियां हैं-एक बचाव और दूसरी उपचार। बीमारियों के तेजी से बढ़ते प्रभाव को देखते हुए जागरूकता और समय पर इलाज बेहद जरूरी है।        

'एक दशक में प्रदेश स्वास्थ्य सेवाओं का व्यापक विस्तार'
सीएम योगी ने बताया कि पिछले एक दशक में प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं का व्यापक विस्तार हुआ है। पहले जहां मात्र 17 सरकारी मेडिकल कॉलेज थे, वहीं अब केंद्र और राज्य सरकार के सहयोग से 81 मेडिकल कॉलेज संचालित हो रहे हैं। इसके अलावा दो एम्स भी प्रदेश में कार्यरत हैं। उन्होंने कहा कि हर जिले में आईसीयू की सुविधा विकसित की गई है और कई अस्पतालों को कैथलैब से लैस किया गया है। संजय गांधी स्नातकोत्तर आयुर्विज्ञान संस्थान, किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी और लोहिया संस्थान में टेली-आईसीयू और टेली-कंसल्टेंसी सेवाओं का विस्तार किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में मेडिकल डिवाइस और फार्मा पाकर् विकसित किए जा रहे हैं, जिससे इलाज सस्ता और सुलभ हो सके। आईआईटी के इंजीनियरों और डॉक्टरों के सहयोग से चिकित्सा उपकरणों का निर्माण कराया जाएगा, वहीं दवाओं के उत्पादन के लिए फार्मा पाकर् स्थापित किए जा रहे हैं।        

'बीमारियां हम सभी के लिए चिंता का विषय हैं'
सीएम योगी बताया कि प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत प्रति परिवार 5 लाख रुपये तक का इलाज उपलब्ध कराया जा रहा है। इसके साथ ही जिन लोगों को इसका लाभ नहीं मिला, उन्हें मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना से जोड़ा गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि 2025 में मुख्यमंत्री राहत कोष से 1400 करोड़ रुपये इलाज के लिए वितरित किए गए। अपने संबोधन में सीएम योगी ने कहा कि बीमारियों की रोकथाम के लिए जागरूकता सबसे जरूरी है। यदि हम बचाव पर ध्यान दें, तो कई गंभीर बीमारियों से बचा जा सकता है। तेजी से बढ़ रही हृदय संबंधी बीमारियां हम सभी के लिए चिंता का विषय हैं। उन्होंने कहा कि विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने के लिए स्वस्थ समाज का निर्माण अनिवार्य है। 


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Content Editor

Pooja Gill

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