धार्मिक स्थलों पर लाउडस्पीकर हुए बैन, फैसले से नाखुश आगरावासी

Thursday, January 11, 2018 11:39 AM

आगरा(बृज भूषण): धार्मिक स्थलों पर लाउडस्पीकर उतारने के सरकार के नियम पर अलग-अलग धर्मो के धर्मगुरूओ ने उत्तर प्रदेश सरकार की कार्रवाई पर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने कहा है कि सरकार नियमनुसार कार्य करे। धर्म विशेष के खिलाफ कार्रवाई न की जाए। उत्तर प्रदेश में ध्वनि प्रदुषण के मामले में हाई कोर्ट के हस्तक्षेप के बाद बिना अनुमति के लाउडस्पीकर बजने पर राजनीति शुरू हो गई है। राजनेता इस मुद्दे पर भी खुलकर राजनीति रोटिया सेक रहे है, तो उधर आगरा के अलग अलग धर्मो के धर्मगुरुओं ने भी सरकार के कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। 

उनका कहना है कि सरकार बिना किसी भेदभाव के इस नियम को लागू करे। आगरा के प्राचीन महादेव के मंदिर रावली की महंत और सेवकों का कहना है कि उनके यहा मंदिर में लाउडस्पीकर नहीं बजता। विशेष अवसर पर लाउडस्पीकर बजाने के लिए वो प्रशासनिक अधिकारियो से अनुमति लेकर आगे से लाउडस्पीकर मंदिर में लगाए जाएंगे।
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आगरा में क्रिश्चियन ने भी धार्मिक स्थलों से लाउडस्पीकर उतरवाने की सरकार की मंशा पर शक जाहिर करते हुए कहा कि सरकार को चाहिए कि इस नियम को निष्पक्षता से लागू करे। धर्म विशेष के खिलाफ इसका इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। अगर नियम लागू होता है तो सभी धार्मिक स्थलों से लाउडस्पीकर उतरने चाहिए। किसी के साथ भेदभाव नहीं होना चाहिए।

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आगरा की शाही जामा मस्जिद के इमाम ने सरकार द्वारा लागू कराए जा रहे इस नियम की खिलाफत करते हुए उन्होंने कहा कि ये गैर जरुरी बातों में सरकार लोगो को उलझा रही है। गरीबो और मजलूमों के हक में सरकार काम करे उनकी परेशानियों को सुलझाए। इस तरह की बातों में उलझा कर लोगों को बेवक़ूफ़ न बनाए। 
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वहीं शासनादेश के बाद एडीएम सिटी ने भी आदेश को अमलीजामा पहनाने के लिए पुलिस अधिकारियों के साथ वार्ता शुरू कर दी है। एडीएम सिटी का कहना था कि धर्मगुरुओं के साथ बातचीत कर उच्च न्यायालय और शासनादेश से अवगत कराया जाएगा ताकि शहर में अमन और चैन बना रहे।

बहराल इस आदेश के बाद कुछ हो न हो लेकिन इस समय लाउड स्पीकर बैन का मामला चर्चाओं का विषय जरुर बना हुआ है।



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