''4 महीने, 22 फां/सी''... जानें कौन हैं जज रवि कुमार दिवाकर, जिनसे कांपता है पश्चिमी UP
punjabkesari.in Monday, Aug 17, 2026 - 01:44 PM (IST)
Muzaffarnagar News: मुजफ्फरनगर के अपर जिला एवं सत्र न्यायालय ने पिछले 4 महीनों के दौरान 10 मामलों में कुल 22 लोगों को फांसी की सजा सुनाई। सरकारी वकील कुलदीप कुमार के मुताबिक, यह सभी फैसले अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश रवि कुमार दिवाकर की अदालत ने सुनाए हैं।
कुमार ने एक न्यूज एजेंसी को बताया कि न्यायाधीश रवि कुमार दिवाकर की अदालत ने वकील समीर साफी की हत्या के मामले में इसी साल 6 अप्रैल को 3 लोगों को मौत की सजा सुनाई थी। उन्होंने बताया कि इसी अदालत ने अन्य अलग—अलग मामलों में 28 अप्रैल को 4, 20 मई को 1 और 20 जून को 2 लोगों को मौत की सजा सुनाई गई।
कुमार ने बताया कि इसके अलावा 2 जुलाई को एक व्यक्ति को 6 जुलाई को 2 और 17 जुलाई को 4 लोगों को मौत की सजा सुनाई गई। उन्होंने बताया कि अगस्त में 12 अगस्त को एक व्यक्ति और 13 अगस्त को 4 लोगों को फांसी की सजा सुनाई गई। कुमार ने कहा कि इस तरह पिछले 4 महीनों में 10 अलग-अलग मामलों में सभी 22 आरोपियों को फांसी की सजा सुनाई गई।
बता दें कि लखनऊ में जन्मे और 2009 में उत्तर प्रदेश न्यायिक सेवा से अपने करियर की शुरुआत करने वाले रवि कुमार दिवाकर वर्तमान में मुजफ्फरनगर में अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश हैं। वह सबसे पहले मई 2022 में वाराणसी के सिविल जज रहते हुए ज्ञानवापी मस्जिद परिसर का सर्वे और वीडियोग्राफी कराने का ऐतिहासिक आदेश देकर देशभर में चर्चा में आए थे। गंभीर मामलों में सख्त न्याय और तुरंत फैसलों के लिए पहचाने जाने वाले जज दिवाकर हाल ही में मुजफ्फरनगर कोर्ट में महज 4 महीनों के भीतर 10 अलग-अलग संगीन मामलों में 22 दोषियों को फांसी की सजा सुनाकर एक बार फिर सुर्खियों में आ गए हैं।

