''हंगामे में समय न गंवाएं''... UP विधानसभा सत्र से पहले Mayawati की तीखी नसीहत, अफसरशाही और छोटे सत्र पर उठाए गंभीर सवाल
punjabkesari.in Monday, Aug 03, 2026 - 02:44 PM (IST)
Lucknow News: बहुजन समाज पार्टी की अध्यक्ष मायावती ने सोमवार को कहा कि उत्तर प्रदेश विधानमंडल का मॉनसून सत्र दलगत राजनीति, हंगामे और आरोपों-प्रत्यारोपों में उलझने के बजाय जन कल्याण और जरूरी मुद्दों पर केंद्रित होना चाहिए। मायावती ने 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा कि सोमवार को शुरु हो रहा उत्तर प्रदेश विधानमंडल का मॉनसून सत्र बहुत छोटा होने के बावजूद लोगों को उम्मीद है कि यह राष्ट्रीय हित, जन-कल्याण और जरूरी जन-मुद्दों पर केंद्रित होगा, न कि संसद के मौजूदा सत्र की तरह राजनीतिक टकराव, नारेबाजी और हंगामे की भेंट चढ़ जाएगा।
उन्होंने कहा कि वैसे इस अल्पकालीन सत्र को लेकर लोगों की यह चिन्ता भी स्वाभाविक ही है कि अफसरशाही को संविधान के शपथ के प्रति जवाबदेह एवं जनहित, जनकल्याण को लेकर उत्तरदायी बनाये रखने के लिये जरूरी है कि विधायिका का संवैधानिक प्रभाव किसी भी प्रकार से कम ना होने पाए। इसके लिए उत्तर प्रदेश के विधानमण्डल का लगातार घटते सत्र के साथ-साथ विधानसभा का इतना संक्षिप्त सत्र क्या अपना वास्तविक उद्देश्य हासिल कर पायेगा या फिर केवल औपचारिकता ही रह जायेगी?
उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री रह चुकीं मायावती ने पोस्ट में आगे कहा कि देश के संविधान और लोकतंत्र की मजबूती तथा अफसरशाही पर लगाम के लिए विधायिका की मजबूती अति-महत्वपूर्ण है और इसके लिए सरकार व विपक्ष दोनों का गंभीर संसदीय आचरण जरूरी है। राज्य विधानसभा में बसपा का केवल एक विधायक है। उत्तर प्रदेश विधानमंडल का मानसून सत्र 3 अगस्त से 6 अगस्त तक चलेगा। उत्तर प्रदेश विधानसभा के आगामी चुनाव से पहले राज्य विधान मंडल के संभवत: अंतिम इस सत्र में राज्य सरकार वित्तीय वर्ष 2026-27 का पहला अनुपूरक बजट (अनुपूरक मांगें) 4 अगस्त 2026 को विधानमंडल के दोनों सदनों में प्रस्तुत करेगी।

