सावधान! कानपुर में चावल के टुकड़े और केमिकल रंग से बन रही थी नकली हल्दी, 5.86 लाख का माल जब्त

punjabkesari.in Wednesday, Aug 05, 2026 - 12:37 PM (IST)

Kanpur News: दाल हो, सब्जी हो या रात का गर्म दूध-हल्दी शायद ही कोई ऐसी रसोई होगी जहां रोज इस्तेमाल न होती हो। लेकिन जरा सोचिए, जिस हल्दी को आप सेहत के लिए फायदेमंद मानकर खा रहे हैं, वह असल में चावल के टूटे दानों में खतरनाक केमिकल रंग मिलाकर तैयार की गई हो तो? कानपुर के पनकी इलाके से सामने आए एक सनसनीखेज मामले ने लाखों लोगों की सेहत पर खड़े हो रहे इस बड़े खतरे से पर्दा उठा दिया है।

मिली जानकारी के मुताबिक, खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (FSDA) की टीम ने पनकी के इस्पात नगर स्थित पीतांबरा इंटरप्राइजेज नामक मसाला फैक्ट्री में जब अचानक छापेमारी की, तो मौके पर मशीनें चल रही थीं और धड़ल्ले से हल्दी पाउडर बनाया जा रहा था। लेकिन अधिकारियों के होश तब उड़ गए जब उन्होंने देखा कि पूरी फैक्ट्री में साबुत हल्दी का एक दाना तक मौजूद नहीं था।

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जांच में सामने आया कि हल्दी पाउडर तैयार करने के लिए साबुत हल्दी की जगह भारी मात्रा में चावल के टूटे दाने (ब्रोकन राइस) और लिक्विड कलर का इस्तेमाल किया जा रहा था। टीम ने मौके से करीब 5.86 लाख रुपए का संदिग्ध स्टॉक जब्त किया है, जिसमें 77 बोरी चावल के टुकड़े, 42 बैग हल्दी पाउडर और रंग बरामद हुए हैं।

सहायक आयुक्त (खाद्य) संजय प्रताप सिंह के मुताबिक, फैक्ट्री से हल्दी, मिर्च, धनिया और उसमें मिलाए जाने वाले रंगों के कुल 6 सैंपल लेकर जांच के लिए लैब भेजे गए हैं। साथ ही फर्म का लाइसेंस निलंबित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। बताया जा रहा है कि मसालों में अनधिकृत रंग और घटिया चावल की मिलावट सीधे पेट और लिवर की बीमारियों का कारण बन सकती है।अधिकारियों ने आम जनता से अपील की है कि बहुत सस्ते या खुले मसालों के झांसे में न आएं और हमेशा FSSAI मार्क वाले भरोसेमंद ब्रांड्स का ही इस्तेमाल करें।


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Content Editor

Anil Kapoor

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