बेटे की मौत के बाद पिता ने खोला मोबाइल का बड़ा राज, डिलीट डेटा रिकवर होते ही सामने आया चौंकाने वाला सच
punjabkesari.in Thursday, Jan 29, 2026 - 11:50 AM (IST)
Agra News: उत्तर प्रदेश के आगरा जिले से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है, जहां एक पिता ने अपने बेटे की मौत के बाद ऐसी सच्चाई उजागर की, जिसे जानकर पुलिस भी चौंक गई। मामला साइबर ब्लैकमेलिंग रैकेट से जुड़ा निकला, जो सैकड़ों किलोमीटर दूर महाराष्ट्र तक फैला था।
क्या हुआ था?
रिपोर्ट के मुताबिक, 9 अक्टूबर 2025 को बीकॉम के छात्र 21 वर्षीय आकाश सिंह की मौत हो गई थी। परिवार को समझ नहीं आ रहा था कि आखिर उसने इतना बड़ा कदम क्यों उठाया। पिता सुखवीर सिंह को उस समय शक हुआ, जब उन्हें पता चला कि बेटे ने मौत से पहले अपने मोबाइल फोन का पूरा डेटा डिलीट कर दिया था। फोन देखने पर लगा जैसे उसे पूरी तरह रीसेट किया गया हो। इससे पिता को लगा कि मामला सामान्य नहीं है।
पिता ने कैसे खोला राज
सुखवीर सिंह इंजीनियरिंग पृष्ठभूमि से हैं। उन्होंने तकनीकी जानकारी का इस्तेमाल करते हुए मोबाइल फोन का डिलीट डेटा रिकवर किया। डेटा सामने आने पर चौंकाने वाली जानकारी मिली— बेटे को लगातार ऑनलाइन ब्लैकमेल किया जा रहा था, मोबाइल में कई चैट, कॉल रिकॉर्ड और मॉर्फ्ड तस्वीरें मिलीं, उसे धमकाया जा रहा था कि तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल कर दी जाएंगी, इसके बाद परिवार ने पुलिस से संपर्क किया। 28 अक्टूबर को हाथरस गेट थाने में केस दर्ज किया गया।
कैसे फंसाया गया छात्र
एसपी चिरंजीवनाथ सिन्हा के मुताबिक, आरोपियों ने एक बुजुर्ग व्यक्ति का मोबाइल नंबर क्लोन किया था। उसी नंबर से संपर्क कर छात्र को फंसाया गया। आकाश से कथित तौर पर चार किस्तों में करीब 40 हजार रुपये ट्रांसफर करवाए गए। उसे धमकी दी जाती थी कि पैसे नहीं दिए तो तस्वीरें सार्वजनिक कर दी जाएंगी। लगातार दबाव के कारण वह मानसिक रूप से परेशान रहने लगा।
पुलिस जांच और गिरफ्तारी
- मामले की कई महीनों तक तकनीकी जांच हुई।
- डिजिटल सबूत जुटाए गए
- बैंक खातों की ट्रैकिंग की गई
- सर्विलांस के जरिए लोकेशन पता की गई
इसके बाद महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजी नगर जिले से रोहन बिहारीलाल सोनवणे और करण राजेंद्र चिंदालिया को गिरफ्तार किया गया।
पूछताछ में सामने आया कि आरोपी व्हाट्सएप पर वर्चुअल नंबरों से महिला बनकर लोगों को फंसाते थे और फिर ब्लैकमेल करते थे। गैंग के अन्य सदस्यों की तलाश में पुलिस की टीम पुणे भी भेजी गई है।
साइबर अपराध से रहें सावधान
पुलिस का कहना है कि ऐसे मामलों में अनजान लोगों से वीडियो कॉल या निजी फोटो शेयर करने से बचें। किसी भी तरह की ऑनलाइन धमकी या ब्लैकमेलिंग होने पर तुरंत पुलिस से संपर्क करें।

