IPS अजयपाल शर्मा के पीछे पड़े अखिलेश यादव, Viral Video पर अधिकारी को जमकर सुनाया, CM Yogi से जोड़ा कनेक्शन, कहा- कार्रवाई हो
punjabkesari.in Tuesday, Apr 28, 2026 - 05:27 PM (IST)
लखनऊ : समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने मंगलवार को कहा कि पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में पर्यवेक्षक के रूप में तैनात उत्तर प्रदेश पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी का कथित अश्लील वीडियो प्रसारित होने से आदित्यनाथ सरकार की छवि बुरी तरह धूमिल हुई है। अधिकारी का नाम लिए बिना यादव ने कहा कि इस वीडियो ने भाजपा सरकार के "नारी सम्मान" और "नारी वंदन" के दावों का खोखलापन उजागर कर दिया है।
'वायरल वीडियो से यूपी के शासन-प्रशासन की छवि हुई क्षतिग्रस्त'
यादव ने एक्स पर पोस्ट कर लिखा, ''बंगाल चुनाव के दौरान ऑब्जर्वर बने उत्तर प्रदेश के एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी का जो अभद्र वीडियो सरेआम देखा जा रहा है, उससे उत्तर प्रदेश सरकार के शासन-प्रशासन की छवि बेहद क्षतिग्रस्त हुई है। साथ ही भाजपा सरकार के तथाकथित 'महिला सम्मान' व 'नारी वंदन' के दावों की पोल भी महिलाओं के सामने पूरी तरह खुल गई है।''
आज भाजपा से जुड़ी हर नारी शर्मिंदा है- अखिलेश यादव
उन्होंने कहा, ''भाजपा शासन-प्रशासन में ऐसे व्यक्ति व अधिकारी अपवाद नहीं है। नारी को लगता है कि जिनके हाथ में महिला सुरक्षा की बागडोर है अगर वो 'ऐसे' हैं, तो हमारी सुरक्षा कैसे होगी। आज भाजपा से जुड़ी हर नारी शर्मिंदा है क्योंकि बहन-बेटियां तो उनके घरों में भी हैं।'' पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा, '''देखते हैं इनका निलंबन-बर्ख़ास्तगी कितनी जल्दी होती है। इसका सीधा संबंध मुख्यमंत्री जी की छवि से जुड़ा है। इस अधिकारी के ख़िलाफ़ जैसी कार्रवाई होगी वो तय करेगी कि मुख्यमंत्री जी का इस मामले में खुद का रुख कैसा है।''
'जीरो टॉलरेंस सिर्फ अपराधियों के लिए नहीं, अधिकारियों के लिए भी होना चाहिए'
उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा, ''वैसे इतना सब कुछ उजागर होने के बाद तो मुख्यमंत्री जी भी मन मारकर ही सही, अनुशासनात्मक-दंडात्मक कार्रवाई करने के लिए बाध्य हो जाएंगे और अपने इस 'विशेष कृपा प्राप्त' को बचाने के लिए ये नहीं कहेंगे कि ये वीडियो 'एआई' जेनरेटेड है।'' सपा प्रमुख ने कहा, ''जीरो टॉलरेंस (कतई बर्दाश्त नहीं करने की नीति) सिर्फ अपराधियों के खिलाफ नहीं, ऐसे अधिकारियों के खिलाफ भी होना चाहिए।'' पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दूसरे और अंतिम चरण के लिए प्रचार सोमवार को समाप्त हो गया। सीमा पार घुसपैठ, भ्रष्टाचार, बेरोजगारी और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर प्रतिद्वंद्वी दलों के बीच तीखी जुबानी जंग देखने को मिली।

