क्या अब नोटों का भी हो जाएगा निजीकरण? RBI के टेंडर पर Akhilsh Yadav ने उठाए ऐसे सवाल, मच गया हड़कंप
punjabkesari.in Saturday, Jul 18, 2026 - 09:14 AM (IST)
Lucknow News: समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने शुक्रवार को भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की एक निविदा को लेकर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए सवाल उठाया कि भ्रष्ट भाजपा राज में क्या अब नोटों का भी निजीकरण हो जाएगा? सपा प्रमुख ने अपने 'एक्स' खाते पर एक पोस्ट में कहा कि भ्रष्ट भाजपा राज में अब नोटों का भी निजीकरण हो जाएगा क्या? उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि कमीशनखोरी का मॉडल इस हद तक गिर जाएगा, देश की जनता ने सोचा न था। जब देश की मुद्रा ही आत्मनिर्भर नहीं होगी तो अर्थव्यवस्था और देश आत्मनिर्भर कैसे होगा? अब क्या सरकार भी आउटसोर्सिंग के बूते चलेगी?
यादव ने कहा कि इतने बड़े और संवेदनशील कार्य के लिए इतना छोटा कंजूसीभरा टेंडर निकालने के पीछे, कहीं चुपके से औपचारिकता पूरा करने का कोई गलत मंसूबा तो नहीं है। लगता है सेटिंग पहले ही हो चुकी है, दिखाने के लिए खानापूर्ति की जा रही है। भाजपा सरकार नहीं, मुनाफाखोंरों की भागीदारी है। यादव द्वारा साझा की गई निविदा भारतीय रिजर्व बैंक नोट मुद्रण प्राइवेट लिमिटेड ने जारी किया है।

