नाम बदलकर लूटी आबरू, शादी की बात पर बना ईसाई; मना करने पर गर्भवती प्रेमिका के पेट में मारी लात
punjabkesari.in Tuesday, Mar 03, 2026 - 06:58 AM (IST)
Kanpur News: उत्तर प्रदेश में कानपुर जिले के चुन्नीगंज इलाके से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां एक 22 वर्षीय युवती ने एक युवक और उसके परिवार पर धोखाधड़ी, मारपीट, जबरन गर्भपात और धर्म परिवर्तन के दबाव जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं। पुलिस ने मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और मामले की गहनता से जांच शुरू कर दी है।
धोखे से शुरू हुआ रिश्ता
पीड़िता के अनुसार, करीब 2 साल पहले उसकी मुलाकात अभिषेक सिंह नाम के एक युवक से हुई थी। अभिषेक ने खुद को हिंदू (ठाकुर) बताकर युवती से दोस्ती की, जो बाद में प्रेम संबंधों में बदल गई। आरोपी ने शादी का झांसा देकर युवती के साथ शारीरिक संबंध बनाए।
सच्चाई सामने आने पर विवाद
जब युवती गर्भवती हुई और उसने शादी के लिए दबाव बनाया, तब युवक की असलियत सामने आई। युवती का आरोप है कि युवक का असली नाम अभिषेक क्लॉडियस उर्फ रोनी है और वह ईसाई धर्म से ताल्लुक रखता है। आरोपी ने शादी के लिए युवती पर धर्म परिवर्तन करने की शर्त रखी। हिंदू ब्राह्मण परिवार से ताल्लुक रखने वाली युवती ने जब धर्म बदलने से इनकार किया, तो आरोपी और उसके परिवार ने उसके साथ क्रूरता शुरू कर दी।
गर्भपात और परिवार पर गंभीर आरोप
युवती ने अपनी शिकायत में रोंगटे खड़े कर देने वाले आरोप लगाए हैं। पीड़िता का कहना है कि गर्भवती होने के बावजूद उसके साथ मारपीट की गई। उसके पेट पर लात मारी गई, जिसके कारण उसका गर्भपात हो गया। युवती ने अभिषेक के माता, पिता, भाई और बहन के खिलाफ भी रिपोर्ट दर्ज कराई है। उसने आरोप लगाया कि अभिषेक की अनुपस्थिति में उसके पिता और भाई उसे कमरे में बंद कर उसके साथ गलत व्यवहार करते थे। पीड़िता का दावा है कि उसने पहले भी शिकायत की थी, लेकिन तब पुलिस ने समझौता कराकर मामला रफा-दफा कर दिया था।
वर्तमान स्थिति और पुलिस कार्रवाई
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर मुख्य आरोपी अभिषेक क्लॉडियस को गिरफ्तार कर लिया है।युवती की तहरीर पर सुसंगत धाराओं में मामला दर्ज कर लिया गया है। मुख्य आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। अन्य आरोपियों की भूमिका और लगाए गए आरोपों की निष्पक्ष जांच की जाएगी।
थाने में हाई वोल्टेज ड्रामा
गिरफ्तारी के बाद जब आरोपी को थाने लाया गया, तो पुलिसकर्मियों का व्यवहार चर्चा का विषय बन गया। आरोपी के कंधे पर हाथ रखकर चलते पुलिसकर्मियों को देखकर पीड़िता भड़क गई। उसने पुलिस पर पक्षपात और आरोपी के प्रति दोस्ताना व्यवहार करने का आरोप लगाया और सुरक्षा की मांग की।

