Chandra Grahan 2026: कल लगेगा साल का पहला चंद्र ग्रहण; जानें समय, सूतक काल और जरूरी बातें...
punjabkesari.in Monday, Mar 02, 2026 - 11:08 AM (IST)
Chandra Grahan 2026: साल 2026 का पहला चंद्र ग्रहण 3 मार्च को लगने जा रहा है। यह एक खंडग्रास चंद्र ग्रहण होगा। ज्योतिष गणना के अनुसार यह ग्रहण सिंह राशि और पूर्वा फाल्गुनी नक्षत्र में घटित होगा। यह ग्रहण भारत के अधिकतर हिस्सों में दिखाई देगा। ग्रहण के कारण होलिका दहन के कार्यक्रम पर भी असर पड़ सकता है।
चंद्र ग्रहण का समय
भारतीय समय के अनुसार चंद्र ग्रहण 3 मार्च को दोपहर 3 बजकर 20 मिनट से शुरू होगा। यह शाम 6 बजकर 46 मिनट पर समाप्त होगा। इस तरह ग्रहण की कुल अवधि 3 घंटे 27 मिनट रहेगी।
सूतक काल कब से शुरू होगा?
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार चंद्र ग्रहण से 9 घंटे पहले सूतक काल शुरू होगा। 3 मार्च को सुबह 6 बजकर 20 मिनट से सूतक लग जाएगा। ग्रहण समाप्त होने के साथ ही सूतक काल भी खत्म हो जाएगा। सूतक काल में शुभ और मांगलिक कार्य नहीं किए जाते।
सूतक काल में क्या नहीं करें?
सूतक लगने के बाद मंदिरों के कपाट बंद कर दिए जाते हैं। इस दौरान पूजा-पाठ, हवन, यज्ञ या किसी नए काम की शुरुआत नहीं की जाती। खाना पकाना और भोजन करना भी वर्जित माना जाता है। गर्भवती महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है। सूतक काल से लेकर ग्रहण समाप्ति तक पूजा, भोजन और अन्य शुभ कार्यों से बचने की सलाह दी जाती है। ग्रहण से पहले खाने-पीने की चीजों में तुलसी के पत्ते डालने की भी परंपरा है, ताकि भोजन पर ग्रहण का असर न पड़े।
कहां दिखाई देगा ग्रहण?
यह चंद्र ग्रहण भारत के ज्यादातर हिस्सों में नजर आएगा। हालांकि कुछ सुदूर पश्चिमी क्षेत्रों में इसका दृश्य साफ नहीं होगा। उत्तर-पूर्व भारत और अंडमान-निकोबार के कुछ हिस्सों को छोड़कर बाकी जगहों पर चंद्रोदय के समय ग्रहण देखा जा सकेगा। इसके अलावा पूर्वी एशिया, ऑस्ट्रेलिया, प्रशांत महासागर क्षेत्र और अमेरिका में भी यह ग्रहण दिखाई देगा।
क्या चंद्र ग्रहण को नंगी आंखों से देख सकते हैं?
जी हां, चंद्र ग्रहण को बिना किसी विशेष चश्मे या उपकरण के सुरक्षित रूप से देखा जा सकता है। वैज्ञानिकों के अनुसार इसे नंगी आंखों से देखने पर आंखों को कोई नुकसान नहीं होता।

