Chandra Grahan: खत्म हुआ चंद्र ग्रहण, भारत के कई हिस्सों में दिखा खूबसूरत नजारा
punjabkesari.in Tuesday, Mar 03, 2026 - 07:55 PM (IST)
लखनऊ: आज चंद्रग्रहण दोपहर 3:20 बजे से शाम 6:46 बजे तक रहा है। ग्रहण का प्रारंभ भारत के किसी स्थान में दिखाई दिया तो कई स्थानों पर नहीं दिखाई दिया। राजधानी लखनऊ में 6.30 बजे से चंद्र ग्रहण जारी है। इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान स्थित नक्षत्रशाला में टेलिस्कोप से चंद्र ग्रहण दिखाया जा रहा है।

हिंदू धर्म और पौराणिक मान्यताओं में चंद्र ग्रहण को केवल एक खगोलीय घटना नहीं, बल्कि अत्यंत महत्वपूर्ण आध्यात्मिक एवं धार्मिक क्षण माना गया है। सनातन परंपरा में राहु और केतु द्वारा सूर्य या चंद्रमा को ग्रसने की घटना को अशुभ संकेत के रूप में देखा जाता है।
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पौराणिक ग्रंथों, विशेषकर मत्स्य पुराण में वर्णित कथा के अनुसार समुद्र मंथन से निकले अमृत के वितरण के समय भगवान विष्णु ने मोहिनी रूप धारण कर देवताओं को अमृत पिलाया। इस दौरान असुर स्वरभानु देवताओं के बीच बैठकर अमृतपान करने लगा। सूर्य और चंद्रमा ने उसकी पहचान कर ली और विष्णु को सूचित किया। इसके बाद विष्णु ने सुदर्शन चक्र से उसका मस्तक अलग कर दिया। अमृतपान कर लेने के कारण वह अमर हो गया। ज्योतिषाचार्य पंडित मिथिलेश उपाध्याय के अनुसार उसका सिर‘राहु'और धड़‘केतु'कहलाया।

मान्यता है कि सूर्य और चंद्रमा द्वारा भेद खोले जाने से क्रोधित राहु समय-समय पर सूर्य व चंद्रमा को ग्रसता है, जिसे सूर्य या चंद्र ग्रहण कहा जाता है। ज्योतिष शास्त्र में ग्रहण काल को अशुभ माना जाता है। इस अवधि में सूर्य और चंद्र, जिन्हें आत्मा और ऊर्जा का प्रतीक माना गया है, पीड़ित अवस्था में होते हैं। धार्मिक परंपराओं के अनुसार ग्रहण प्रारंभ होने से लगभग 12 घंटे पूर्व‘सूतक'लग जाता है। सूतक काल में मंदिरों के कपाट बंद कर दिए जाते हैं और शुभ कार्य स्थगित कर दिए जाते हैं। धार्मिक अनुष्ठानों की द्दष्टि से ग्रहण काल को विशेष एवं निर्णायक समय माना गया है।

