Ghaziabad या गद्दारों का गढ़? 3 और पाकिस्तानी एजेंटों की गिरफ्तारी, 8वीं पास ने Reel के बहाने सरहद पार भेजी GPS लोकेशन
punjabkesari.in Monday, Mar 23, 2026 - 07:54 AM (IST)
Ghaziabad News: दिल्ली से सटे गाजियाबाद में सुरक्षा एजेंसियों और पुलिस की स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) ने एक बेहद खतरनाक जासूसी नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने एक महिला और एक नाबालिग समेत 3 लोगों को गिरफ्तार किया है, जो सोशल मीडिया और रील बनाने के बहाने देश के संवेदनशील ठिकानों की जानकारी दुश्मन देश को भेज रहे थे।
जासूसी का डिजिटल जाल: रील बनाने का नाटक और रेकी
पकड़े गए आरोपियों का काम करने का तरीका किसी फिल्मी स्क्रिप्ट जैसा था। ये लोग महत्वपूर्ण जगहों, जैसे रेलवे स्टेशन, सुरक्षा ठिकानों और भीड़भाड़ वाले इलाकों में जाकर 'रील' बनाने का नाटक करते थे। इसी आड़ में वे वहां की फोटो, वीडियो और सटीक GPS लोकेशन ले लेते थे। पूछताछ में खुलासा हुआ कि इस गिरोह ने दिल्ली के कनॉट प्लेस, पहाड़गंज और खास तौर पर इजरायली पर्यटकों के होटलों की रेकी करके जानकारी विदेश भेजी थी।
कौन हैं ये मोहरे?
गिरफ्तार किए गए आरोपियों की प्रोफाइल चौंकाने वाली है:-
नौशाद अली उर्फ लालू (20 वर्ष)
फरीदाबाद का रहने वाला नौशाद केवल 8वीं पास है। वह युवाओं को पैसों का लालच देकर गिरोह में शामिल करता था और उन्हें लोकेशन भेजने की ट्रेनिंग देता था।
मीरा (28 वर्ष)
मथुरा की रहने वाली मीरा हथियारों की तस्करी (असलाह सप्लाई) में माहिर है और पहले भी दिल्ली पुलिस के हत्थे चढ़ चुकी है।
नाबालिग आरोपी
गिरोह में एक नाबालिग को भी शामिल किया गया था ताकि पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों को उन पर शक ना हो।
सरहद पार से मिल रहे थे निर्देश
SIT की जांच में सामने आया कि इस पूरे नेटवर्क की डोर सीमा पार बैठे आकाओं के हाथ में है। सुहैल मलिक और समीर उर्फ शूटर जैसे नाम इस जासूसी गिरोह के मास्टरमाइंड बताए जा रहे हैं। ये लोग आर्थिक रूप से कमजोर युवाओं को सोशल मीडिया के जरिए फांसते थे और उन्हें देश के खिलाफ काम करने के लिए उकसाते थे।
ऐसे हुआ भंडाफोड़
14 मार्च 2026 को पुलिस को कौशांबी इलाके में कुछ संदिग्धों की गतिविधियों की सूचना मिली थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए फौरन SIT का गठन किया गया। पुलिस ने इनके पास से 3 मोबाइल फोन बरामद किए हैं, जिनमें संवेदनशील ठिकानों के वीडियो और चैट्स मिले हैं।

