दिल्ली बनी ''गैस चैंबर'', आंखों में जलन और सांसों पर पहरा! CM योगी का बड़ा बयान- ''ऐसी जिंदगी का क्या फायदा?''

punjabkesari.in Sunday, Feb 15, 2026 - 07:19 AM (IST)

Gorakhpur News: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हाल ही में दिल्ली की बिगड़ती हवा पर चिंता जताते हुए उसकी तुलना एक 'गैस चैंबर' से की है। गोरखपुर में एक ब्लॉक कार्यालय के उद्घाटन के दौरान उन्होंने कहा कि जहां दिल्ली में सांस लेना दूभर हो गया है, वहीं उत्तर प्रदेश के लोग विकास के साथ-साथ स्वच्छ वातावरण का आनंद ले रहे हैं।

पर्यावरण को लेकर सीएम योगी की मुख्य बातें:
सीएम ने चेतावनी दी कि पर्यावरण का नुकसान आज दुनिया की सबसे बड़ी चुनौती है। उन्होंने समझाया कि जब प्रदूषण बढ़ता है, तो फेफड़े खराब होते हैं और ऑक्सीजन की कमी पूरे शरीर को प्रभावित करती है। उन्होंने कहा कि दिल्ली की हालत देखिए, वहां आंखों में जलन हो रही है और सांस लेना मुश्किल है। डॉक्टर बच्चों और बुजुर्गों को घर से बाहर न निकलने की सलाह दे रहे हैं। ऐसी जिंदगी का क्या फायदा? सीएम के अनुसार, यूपी में उद्योगों और विकास कार्यों के बावजूद प्रदूषण नियंत्रण में है, जिससे बीमारियां कम हो रही हैं।


वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) क्या है?
दिल्ली की हवा को 'खराब' श्रेणी में रखा गया है। समझने के लिए नीचे दी गई तालिका देखें कि AQI का क्या मतलब होता है:
AQI स्तर                           श्रेणी                                          स्वास्थ्य पर प्रभाव
0 - 50                              अच्छा                                             सबसे सुरक्षित
51 - 100                      संतोषजनक                                           हल्का असर
101 - 200                        मध्यम                                संवेदनशील लोगों के लिए परेशानी
201 - 300                         खराब                               सांस लेने में दिक्कत (दिल्ली का हाल)
301 - 400                    बहुत खराब                             लंबे समय तक रहने पर गंभीर बीमारी
401 - 500                         गंभीर                                     स्वस्थ लोगों के लिए भी खतरनाक


विकास और पर्यावरण के बीच संतुलन
मुख्यमंत्री ने केवल समस्या ही नहीं बताई, बल्कि यूपी सरकार द्वारा उठाए जा रहे कदमों की भी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि  कैम्पियरगंज में राज्य का पहला वानिकी और बागवानी विश्वविद्यालय बनेगा। यह न केवल पर्यावरण बचाएगा बल्कि युवाओं को रोजगार की गारंटी भी देगा। विलुप्त हो रहे गिद्धों को बचाने के लिए कैम्पियरगंज में एक विशेष संरक्षण केंद्र बनाया जा रहा है।पिपराइच की चीनी मिल फिर से चालू हो गई है और धुरियापार में बायोगैस प्लांट लगाया गया है, जो कचरे से ऊर्जा बनाने की दिशा में बड़ा कदम है। वहीं गीडा (GIDA) में नए उद्योग लगने से स्थानीय युवाओं को घर के पास ही काम मिल रहा है।


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Content Editor

Anil Kapoor

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