सावधान! डॉक्टर नहीं यमराज साबित हुआ स्टोर संचालक, खांसी-बुखार के इंजेक्शन ने ले ली बच्ची की जान

punjabkesari.in Monday, Mar 02, 2026 - 02:31 PM (IST)

Gorakhpur News: उत्तर प्रदेश में गोरखपुर जिले के उरुवा इलाके से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। जहां महज हल्की खांसी और बुखार के इलाज के लिए गई एक 9 वर्षीय बच्ची की मेडिकल स्टोर पर इंजेक्शन लगने के कुछ ही मिनटों बाद मौत हो गई। इस घटना ने स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली और अवैध रूप से क्लीनिक चलाने वाले स्टोर संचालकों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

क्या है पूरा मामला?
बांसगांव थाना क्षेत्र के मसुरिया गांव की रहने वाली दिव्या (9 वर्ष) को रविवार को हल्की खांसी और बुखार था। उसकी मां शशिकला रविवार शाम करीब 4 बजे उसे इलाज के लिए जोहराबाद स्थित एसएन मेडिकल स्टोर ले गई थीं। शशिकला का आरोप है कि स्टोर संचालक ने बिना किसी जांच के दिव्या को देखते ही तुरंत एक इंजेक्शन लगा दिया। इंजेक्शन लगने के कुछ ही पलों बाद दिव्या की हालत बिगड़ने लगी और वह अचानक जमीन पर गिर गई। जब तक उसे कहीं और ले जाया जाता, मासूम ने दम तोड़ दिया।

गुनाह कर फरार हुआ आरोपी
बच्ची की मौत होते ही स्टोर संचालक के हाथ-पांव फूल गए और वह दुकान बंद कर मौके से फरार हो गया। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। बांसगांव के एसएचओ जितेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि मां की तहरीर पर मामला दर्ज कर लिया गया है और आरोपी की तलाश जारी है।

'मेडिकल स्टोर वाले डॉक्टर नहीं होते'
इस गंभीर लापरवाही पर उरुवा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी डॉ. जेपी तिवारी ने सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि मेडिकल स्टोर केवल दवाएं बेचने के लिए अधिकृत हैं, उन्हें इंजेक्शन लगाने या मरीज का इलाज करने का कोई कानूनी अधिकार नहीं है। इस मामले की विस्तृत रिपोर्ट मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) को भेज दी गई है ताकि उक्त स्टोर का लाइसेंस रद्द कर कड़ी कार्रवाई की जा सके।


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Content Editor

Anil Kapoor

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