अफसरों की ''फाइल'' में दबी रही शिकायत, गड्ढे ने ले ली 3 साल के मासूम की जान; अब ''पल्ला'' झाड़ रहा प्रशासन!
punjabkesari.in Monday, Feb 16, 2026 - 11:55 AM (IST)
Greater Noida: उत्तर प्रदेश के दनकौर थाना क्षेत्र के दलेलगढ़ गांव में शनिवार को एक दिल दहला देने वाला हादसा हो गया। जहां एक तीन वर्षीय मासूम की पानी से भरे गहरे गड्ढे में गिरकर मौत हो गई। इस घटना ने एक तरफ परिवार को ताउम्र का गम दे दिया है, वहीं दूसरी तरफ प्राधिकरण की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
भंडारे में गया था परिवार, मातम में बदली खुशियां
बुलंदशहर के सिकंदराबाद की रहने वाली अंजलि कुछ दिन पहले ही अपने बेटे देवांश (3 वर्ष) और बेटी के साथ अपने मायके दलेलगढ़ आई हुई थी। शनिवार को गांव के मंदिर में भंडारा चल रहा था, जहां पूरा परिवार शामिल होने गया था। इसी दौरान खेलते-खेलते मासूम देवांश पास ही स्थित एक गहरे गड्ढे के पास पहुंच गया और उसमें गिर गया। जब तक परिजनों की नजर पड़ी और बच्चे को बाहर निकाला गया, तब तक उसकी मौत हो चुकी थी।
प्राधिकरण पर लापरवाही का आरोप
इस घटना के बाद ग्रामीणों का गुस्सा सातवें आसमान पर है। लोगों का कहना है कि यह गड्ढा लंबे समय से खुला पड़ा था और बारिश के कारण इसमें काफी पानी भरा था। ग्रामीणों का आरोप है कि सेक्टर-150 में हुए पिछले हादसों के बाद भी उन्होंने ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण को पत्र लिखकर ऐसे खतरनाक गड्ढों को भरने की मांग की थी। शिकायतों के बावजूद अधिकारियों ने सुध नहीं ली, जिसका खामियाजा एक मासूम को अपनी जान देकर भुगतना पड़ा।
प्राधिकरण की सफाई: 'जमीन सरकारी नहीं'
हादसे की सूचना मिलते ही प्राधिकरण के वर्क सर्कल की टीम मौके पर पहुंची। जांच के बाद अधिकारियों ने अपनी सफाई में कहा है कि जिस जमीन पर गड्ढा बना है, वह गांव के ही एक किसान के नाम पर दर्ज है। यह सरकारी तालाब या प्राधिकरण की अधिग्रहित जमीन नहीं है। निजी जमीन होने के कारण यह सीधे तौर पर उनके अधिकार क्षेत्र में नहीं था। हालांकि, प्राधिकरण के अधिकारियों ने इस घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया है।

