Korean Games से सावधान रहें Parents! Task ने ले ली 3 मासूमों की जान, आपका बच्चा भी है शौकीन तो तुरंत पढ़ें ये खबर ....

punjabkesari.in Saturday, Feb 07, 2026 - 01:37 PM (IST)

UP Desk : ऑनलाइन गेमिंग का बढ़ता चलन अब बच्चों की सुरक्षा को लेकर नए सवाल खड़े कर रहा है। स्मार्टफोन और टैबलेट पर घंटों गेम खेलने की आदत कई बार मासूम जिंदगियों के लिए खतरा बनती नजर आ रही है। हाल ही में गाजियाबाद से सामने आई एक दिल दहला देने वाली घटना ने इस चिंता को और गहरा कर दिया है, जहां कथित तौर पर एक टास्क-बेस्ड कोरियन ऑनलाइन गेम से जुड़ाव के चलते तीन नाबालिग बहनों की जान चली गई।

गाजियाबाद की दर्दनाक घटना
रिपोर्ट्स के मुताबिक, गाजियाबाद में तीन नाबालिग बहनों ने एक बहुमंजिला इमारत के 9वें फ्लोर से छलांग लगा दी। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि तीनों बच्चियां एक टास्क-बेस्ड कोरियन गेम से जुड़ी हुई थीं। इस घटना ने न सिर्फ परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है, बल्कि समाज और अभिभावकों के लिए भी एक गंभीर चेतावनी बनकर सामने आई है।

क्या है ‘कोरियन लवर’ जैसे गेम?
‘कोरियन लवर’ जैसे गेम सामान्य मोबाइल गेम्स से अलग माने जाते हैं। ये टास्क-बेस्ड, सिमुलेशन और रोल-प्लेइंग कैटेगरी में आते हैं, जिनमें खिलाड़ी को वर्चुअल कैरेक्टर के साथ भावनात्मक जुड़ाव का अनुभव कराया जाता है। गेम की डिजाइन ऐसी होती है कि खिलाड़ी खुद को असल दुनिया से कटता हुआ महसूस करने लगता है। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे गेम्स बच्चों को मानसिक रूप से प्रभावित कर सकते हैं। इससे पहले ब्लू व्हेल और मोमो चैलेंज जैसे मामलों में भी ऑनलाइन टास्क-बेस्ड गेम्स के खतरनाक प्रभाव सामने आ चुके हैं।

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ये गेम चैट बन सकती है खतरा
आजकल कई ऑनलाइन गेम्स में चैट फीचर मौजूद होता है, जिसके जरिए खिलाड़ी आपस में बातचीत कर सकते हैं। इसका मतलब यह भी है कि कोई अनजान व्यक्ति बच्चों से सीधे संपर्क कर सकता है। विशेषज्ञों का कहना है कि कम उम्र के बच्चों को ऐसे गेम्स से दूर रखना ज्यादा सुरक्षित है और अभिभावकों को यह जरूर देखना चाहिए कि बच्चा किन लोगों से बात कर रहा है।

टास्क और चैलेंज-बेस्ड गेम्स पर रखें नजर
हालांकि वीडियो गेम्स से बच्चों की सोच और प्रतिक्रिया क्षमता बेहतर हो सकती है, लेकिन टास्क या चैलेंज-बेस्ड गेम्स कई बार मानसिक दबाव भी पैदा करते हैं। अगर बच्चा अचानक चिड़चिड़ा हो जाए, खुद को कमरे में बंद रखने लगे या व्यवहार में असामान्य बदलाव दिखे, तो यह खतरे का संकेत हो सकता है।

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उम्र की रेटिंग और ऐप परमिशन है जरूरी
प्ले स्टोर और ऐप स्टोर पर उपलब्ध सभी गेम्स की उम्र के हिसाब से रेटिंग दी जाती है। अभिभावकों को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि बच्चा अपनी उम्र के अनुरूप ही गेम खेल रहा है। साथ ही यह भी जांचें कि गेम मोबाइल के किन फीचर्स तक पहुंच मांग रहा है। जरूरत से ज्यादा परमिशन लेने वाले ऐप्स बच्चों की सुरक्षा के लिए जोखिम बन सकते हैं।

बच्चों को गेमिंग की लत से कैसे बचाएं 
कुछ गेम्स बच्चों को हर लेवल पर इन-ऐप खरीदारी के लिए प्रेरित करते हैं, जिससे धीरे-धीरे लत लग सकती है। अगर बच्चा बार-बार गेम में पैसे खर्च करने की जिद करने लगे, तो यह संकेत है कि समय रहते हस्तक्षेप जरूरी है।

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माता-पिता के लिए जरूरी सुरक्षा सुझाव
*
बच्चों के मोबाइल और टैबलेट में मौजूद गेम्स की नियमित निगरानी करें
*टास्क-बेस्ड और रोल-प्लेइंग गेम्स से दूरी बनाए रखें
*इन-गेम चैट और अनजान लोगों से संपर्क पर नजर रखें
*उम्र के अनुसार गेम रेटिंग और ऐप परमिशन जरूर जांचें
*इन-ऐप खरीदारी और लत लगाने वाले गेम्स से बच्चों को बचाएं

सतर्कता ही सबसे बड़ी सुरक्षा
गाजियाबाद की यह घटना साफ संकेत देती है कि अगर गेमिंग की आदत पर समय रहते नियंत्रण न किया जाए, तो इसके गंभीर परिणाम हो सकते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि बच्चों की डिजिटल गतिविधियों पर नजर रखना और उनसे खुलकर बातचीत करना ही उनकी मानसिक और भावनात्मक सुरक्षा की सबसे मजबूत ढाल है।


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Content Editor

Purnima Singh

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