''मेरे साथ विश्वासघात हुआ...'' राम मंदिर चोरी कांड पर चंपत राय का टूटा मौन, एकांतवास में जाने से पहले दिया बड़ा बयान
punjabkesari.in Wednesday, Jul 08, 2026 - 07:04 AM (IST)
Ayodhya News: श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय ने मंगलवार को राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी के मामले पर चुप्पी तोड़ते हुए कहा कि विशेष जांच दल (SIT) द्वारा अंतिम रिपोर्ट सौंपे जाने के बाद ही वह उनपर लगाए गए सभी आरोपों का जवाब देंगे। राय ने राम भक्तों को संबोधित करते हुए एक पत्र में लिखा कि 7 जून को मंदिर की दान पेटियों से दान की गिनती के दौरान कथित चोरी की घटना के बाद से इस मामले को लेकर चर्चा जारी थी और उनके खिलाफ व्यक्तिगत रूप से निराधार आरोप लगाए गए।
अंतिम SIT रिपोर्ट के बाद खोलेंगे पूरा सच
चंपत राय ने 'एक्स' पर रामचरितमानस का एक दोहा लिखते हुए पत्र की एक फोटो साझा की कि धीरज धर्म मित्र अरु नारी, आपद काल परिखिअहिं चारी। उन्होंने कहा कि एसआईटी की प्रारंभिक रिपोर्ट ट्रस्ट की आम बैठक से पहले पेश की गई थी। राय ने कहा कि जिस रिपोर्ट को शुरुआत में अत्यंत गोपनीय रखा गया था, उसे अब सार्वजनिक कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि एसआईटी द्वारा अंतिम रिपोर्ट सौंपे जाने के बाद वह उठाए गए सभी मुद्दों पर बिंदुवार जवाब देंगे और पूरी सच्चाई जनता के सामने आ जाएगी।
45 साल के प्रचारक का एकांतवास और मौन
राय ने अपनी पृष्ठभूमि का उल्लेख करते हुए कहा कि संगठन द्वारा प्रतिनियुक्त किए जाने के बाद वह अक्टूबर 1991 से अयोध्या में काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि पूर्णकालिक प्रचारक के रूप में उनका 45 वर्षों का जीवन हमेशा एक खुली किताब रहा है। बार-बार प्रयास करने के बावजूद राय से टिप्पणी के लिए संपर्क नहीं हो सका। राय के करीबियों ने हालांकि दावा किया कि वह मौन धारण कर रहे हैं और एकांत में हैं। इससे पहले, राय के करीबी सूत्रों ने एक न्यूज एजेंसी को बताया था कि उन्होंने अपने सहयोगियों को बता दिया है कि उनकी अयोध्या में सेवा पूरी हो गई है।
ट्रस्ट में नए CEO की एंट्री और बड़े प्रशासनिक सुधार
सूत्रों के मुताबिक, एकांतवास में रह रहे राय ने यह भी कहा कि उनके साथ विश्वासघात किया गया है हालांकि उन्होंने इस बारे में विस्तार से नहीं बताया। श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने कई प्रशासनिक सुधारों की भी घोषणा की, जिसमें एक मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) की नियुक्ति और वित्तीय व प्रशासनिक निगरानी को मजबूत करने के उपाय शामिल हैं। इस बीच, अयोध्या जिले की एक अदालत ने राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी के मामले में गिरफ्तार 8 आरोपियों में से 3 को मंगलवार को एक दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया।

