सावधान! हैक की सरकारी ID और खोल ली अपनी आधार की दुकान, 3 जालसाज गिरफ्तार, क्या आपकी पहचान का भी हो रहा है सौदा?

punjabkesari.in Monday, Mar 23, 2026 - 11:35 AM (IST)

Sambhal News: उत्तर प्रदेश के संभल जिले में पुलिस ने एक ऐसे शातिर गैंग का पर्दाफाश किया है जो तकनीक में सेंध लगाकर लोगों की डिजिटल पहचान (Identity) से खिलवाड़ कर रहा था। बहजोई थाना क्षेत्र में चल रहे इस फर्जी आधार केंद्र के नेटवर्क ने सरकारी सुरक्षा तंत्र को चुनौती देते हुए किसी दूसरे वैध केंद्र की आईडी हैक कर ली थी। पुलिस ने गिरोह के 3 सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि 4 अन्य आरोपी अब भी फरार हैं।

ID हैक कर बनाया समानांतर सिस्टम
पुलिस जांच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि यह गिरोह किसी अधिकृत आधार सेवा केंद्र की लॉगिन आईडी (Login ID) को हैक कर अपने कंप्यूटर सिस्टम से जोड़ लेता था। इसके बाद, इसी चोरी की आईडी के जरिए आरोपी नए आधार कार्ड बनाना और पुराने कार्ड में संशोधन (Update) करने का अवैध धंधा चला रहे थे। यह पूरा सेटअप इतना व्यवस्थित था कि दूर से देखने पर यह किसी सरकारी केंद्र जैसा ही नजर आता था।

छापेमारी और गिरफ्तारी का घटनाक्रम
बहजोई थाना प्रभारी अजीत सिंह को पिछले काफी समय से असदपुर और आसपास के इलाकों में अवैध तरीके से आधार कार्ड बनाए जाने की सूचना मिल रही थी। सटीक जानकारी मिलते ही पुलिस टीम ने असफपुर क्षेत्र में छापेमारी की। मौके से तीन आरोपियों को रंगे हाथ दबोचा गया, जिनकी पहचान जसवीर, हरीश और बिल्टू के रूप में हुई है। पुलिस ने मौके से दो लैपटॉप, फिंगरप्रिंट स्कैनर, प्रिंटर, जाली मोहरें और कई अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद किए हैं, जिनका इस्तेमाल इस फर्जीवाड़े में किया जा रहा था।

सरकारी तंत्र में सेंध और मोटी वसूली
पूछताछ में आरोपियों ने कबूल किया कि वे न केवल स्थानीय लोगों, बल्कि दूसरे राज्यों के लोगों के भी फर्जी दस्तावेज तैयार करते थे। आधार कार्ड में नाम, पता या मोबाइल नंबर बदलने के नाम पर ये गिरोह आम जनता से तय सरकारी शुल्क से कई गुना ज्यादा मोटी रकम वसूलता था। सबसे गंभीर बात यह है कि आरोपियों ने सरकारी सिस्टम की सुरक्षा में चूक (Security Breach) का फायदा उठाकर उसे हैक किया, जिससे साइबर सुरक्षा पर बड़े सवाल खड़े हो गए हैं।

पुलिस का एक्शन जारी, 4 फरार आरोपियों की तलाश
एडिशनल एसपी (ASP) उत्तरी कुलदीप सिंह ने बताया कि यह कार्रवाई एक बड़ी सफलता है क्योंकि इससे एक संगठित साइबर गिरोह का अंत हुआ है। हालांकि, गिरोह के चा4 अन्य सदस्य अभी पुलिस की पकड़ से बाहर हैं, जिनकी तलाश में लगातार दबिश दी जा रही है। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि जिस आईडी का दुरुपयोग किया गया, वह किस केंद्र की थी और इस नेटवर्क के तार और किन जिलों या राज्यों से जुड़े हैं।


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Content Editor

Anil Kapoor

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