समुचित जानकारी के अभाव में तत्काल कोई आकलन करना जल्दबाजी होगी- भारत-अमेरिका व्यापार समझौता पर बोलीं मायावती
punjabkesari.in Tuesday, Feb 03, 2026 - 02:54 PM (IST)
लखनऊ: उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने भारत और अमेरिका के बीच बीच हुए समझौते के तहत अमेरिका ने भारत से आने वाली वस्तुओं पर जवाबी शुल्क को 25 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत कर दिया है।इसे लेकर मायावती ने एक पर पोस्ट कर बड़ी बात कही है।
तत्काल कोई आकलन करना जल्दबाजी होगी
उन्होंने कहा कि भारत और अमेरिका के बीच अनेक शर्तों के साथ आपसी समझौते के बाद अमेरिका द्वारा 18 प्रतिशत टैरिफ लगाये जाने की खबर कितनी देश व जनहित में है इसके सम्बन्ध में समुचित जानकारी के अभाव में तत्काल कोई आकलन करना जल्दबाजी होगी। उन्होंने कहा कि इसपर जमीनी अमल होने के बाद ही यह सही से मालूम हो पायेगा कि इससे देश के खासकर बहुजनों, गरीबों, मजदूरों, किसानों व महिलाओं आदि का क्या भला होगा। मायावती ने कहा कि वैसे तो यह बेहतर होता कि इसके सम्बन्ध में सरकार द्वारा संसद के सत्र के दौरान् ही इसके बारे में विस्तार से बताया जाता ताकि लोगों को सही-सही जानकारी मिल पाती।
अमेरिका ने 25 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत किया वस्तुओं पर शुल्क
आप को बता दें कि भारत और अमेरिका के बीच हुए समझौते के तहत अमेरिका ने भारत से आने वाली वस्तुओं पर जवाबी शुल्क को 25 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत कर दिया है। परिधान निर्यात संवर्धन परिषद (एईपीसी) के चेयरमैन ए शक्तिवेल ने कहा कि भारत-अमेरिका व्यापार वार्ता में यह सफलता ऐसे वक्त में मिली है, जब भारतीय उद्योग उच्च अमेरिकी शुल्क के कारण तनाव में थे। उन्होंने कहा, ''अमेरिका हमारा सबसे बड़ा एकल निर्यात बाजार है और बेहतर व्यापारिक शर्तें अमेरिकी बाजार में भारतीय परिधान उत्पादों की प्रतिस्पर्धात्मकता को महत्वपूर्ण रूप से बढ़ाएंगी।
अमेरिका का फैसला दोनों पक्षों को मिलेगा लाभ
शार्दुल अमरचंद मंगलदास एंड कंपनी के पार्टनर रुद्र कुमार पांडेय ने कहा कि अमेरिका का फैसला दोनों पक्षों के रणनीतिक इरादों को उजागर करता है। उन्होंने कहा कि यह कदम भारत के निर्यात-प्रतिस्पर्धी रुख को पुख्ता करता है और ऐसे समय में आया है जब अमेरिका अपनी आपूर्ति श्रृंखला को चीन से दूर ले जा रहा है। पांडेय ने कहा, ''इस फैसले का तत्काल लाभ शुल्क संवेदनशील और श्रम-प्रधान क्षेत्रों को मिलेगा।
विशेष रूप से इन क्षेत्र में हो लाभ
कपड़ा, परिधान, रत्न एवं आभूषण, चमड़ा, जूते, इंजीनियरिंग सामान और ऑटो घटक इससे विशेष रूप से लाभान्वित होंगे, क्योंकि ये क्षेत्र अमेरिकी बाजार में वियतनाम और बांग्लादेश के साथ सीधे प्रतिस्पर्धा करते हैं।'' भारतीय निर्यात संगठनों के महासंघ (फियो) के अध्यक्ष एस सी रल्हन ने कहा कि इससे उन ऑर्डरों के तुरंत जारी होने की उम्मीद है, जिन्हें पहले रोक दिया गया था। विशेष रूप से परिधान, कपड़ा और चमड़ा जैसे क्षेत्रों में इसका लाभ मिलेगा।

