UP में पंचायत चुनाव कब? OP Rajbhar ने दी बड़ी जानकारी, साथ ही Akhilesh के ₹40 हजार वाले वादे की उड़ाई धज्जियां
punjabkesari.in Monday, Mar 23, 2026 - 02:20 PM (IST)
UP Politics News: उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव से ठीक पहले होने वाले पंचायत चुनावों को लेकर सस्पेंस गहरा गया है। जहां राजनीतिक गलियारे इसे सेमीफाइनल मानकर तैयारियों में जुटे थे, वहीं अब मामला कानूनी दांव-पेच में फंसता नजर आ रहा है। उत्तर प्रदेश के पंचायती राज मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने सोमवार को स्पष्ट किया कि पंचायत चुनावों का भविष्य अब पूरी तरह से हाईकोर्ट के फैसले पर टिका है।
25 मार्च: कोर्ट की दहलीज पर पंचायत चुनाव का फैसला
मंत्री ओपी राजभर ने बताया कि 25 मार्च 2026 को हाईकोर्ट में इस मामले की महत्वपूर्ण सुनवाई होनी है। राज्य निर्वाचन आयोग को इस तारीख तक अपना जवाब दाखिल करने का नोटिस मिला है। राजभर ने कहा कि 25 मार्च को कोर्ट जो भी निर्देश देगा, सरकार और आयोग उसी का पालन करेंगे। जब उनसे ओबीसी (OBC) आयोग के गठन के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि जब तक वोटर लिस्ट का अंतिम प्रकाशन ही नहीं हुआ, तब तक आयोग के गठन का सवाल ही नहीं उठता।
अखिलेश के वादे पर तंज: 'ना नौ मन गेहूं होइहे, ना राधा गउने जइहें'
सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव द्वारा महिलाओं को हर महीने 40 हजार रुपए देने के चुनावी वादे पर राजभर ने जमकर निशाना साधा। उन्होंने अपनी चिर-परिचित ठेठ भाषा और पुरानी कहावत का सहारा लेते हुए कहा कि ना नौ मन गेहूं होइहे, ना राधा गउने जइहें। राजभर का सीधा मतलब था कि न तो राज्य में समाजवादी पार्टी की सरकार बनने वाली है और न ही किसी को 40 हजार रुपये मिलने वाले हैं। उन्होंने इस वादे को केवल जनता को गुमराह करने वाला शिगूफा करार दिया।
2017 से अब तक: सरकार बनाने का मुंगेरीलाल का सपना
अखिलेश यादव के 2027 में सत्ता में वापसी के दावों पर चुटकी लेते हुए राजभर ने कहा कि वह 2017 से ही लगातार सरकार बना रहे हैं। उन्होंने याद दिलाया कि 2022 के चुनाव में भी सपा 400 सीटें जीतने का दावा कर रही थी, लेकिन नतीजा सबके सामने है। राजभर ने साफ कहा कि विपक्षी खेमे में कुछ भी होने वाला नहीं है, जनता एनडीए (NDA) के साथ है।
संजय निषाद और सपा पर प्रहार
कैबिनेट मंत्री ने गठबंधन साथी संजय निषाद का जिक्र करते हुए उन्हें अपना बड़ा भाई बताया। उन्होंने कहा कि निषाद समाज इस बात का गवाह है कि समाजवादी पार्टी के शासनकाल में उनके लोगों का किस तरह उत्पीड़न होता था। उन्होंने जोर देकर कहा कि पिछड़ों और दलितों का असली हितैषी वर्तमान सरकार ही है।

