पुलिस पर लात, अफसरों पर पिस्तौल! तंबाकू कारोबारी के बेटे का खौफनाक इतिहास, क्या लैंबॉर्गिनी एक्सीडेंट के बाद भी बच जाएगा रईसजादा?
punjabkesari.in Wednesday, Feb 11, 2026 - 08:48 AM (IST)
Kanpur News: कानपुर के चर्चित लैंबॉर्गिनी एक्सीडेंट मामले ने एक बार फिर रईसजादों की बेलगाम रफ्तार और उनके रसूख पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अरबपति तंबाकू कारोबारी केके मिश्रा के बेटे शिवम मिश्रा पर आरोप है कि हादसे के वक्त वही स्टीयरिंग संभाल रहा था। हालांकि परिवार इससे इनकार कर रहा है, लेकिन शिवम का विवादों से पुराना नाता रहा है।
कानपुर लैंबॉर्गिनी कांड: रसूख, रफ्तार और रईसजादे के पुराने कारनामों की पूरी कुंडली
ताजा विवाद: लैंबॉर्गिनी एक्सीडेंट
कानपुर की सड़कों पर तेज रफ्तार लैंबॉर्गिनी ने कहर बरपाया, जिसका आरोप तंबाकू किंग केके मिश्रा के बेटे शिवम पर है। पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर ली है, लेकिन बचाव पक्ष का दावा है कि गाड़ी शिवम नहीं चला रहा था।
यमुना एक्सप्रेसवे पर 200 की रफ्तार (6 फरवरी)
हादसे से कुछ दिन पहले ही सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ था। दावा किया जा रहा है कि 6 फरवरी को दिल्ली से वृंदावन के बीच इसी लैंबॉर्गिनी को 200 किमी/घंटा से भी अधिक की रफ्तार से दौड़ते देखा गया था। यह रफ्तार न सिर्फ कानून का उल्लंघन थी, बल्कि दूसरों की जान के लिए भी बड़ा खतरा थी।
लॉकडाउन में 'पोर्श' से नैनीताल की सैर और पुलिस से बदसलूकी
शिवम मिश्रा का विवादों से पुराना नाता है। कोविड लॉकडाउन के दौरान, जब पूरी दुनिया घरों में कैद थी, शिवम अपनी लग्जरी पोर्श कार लेकर नैनीताल जा पहुंचा। कार के शीशों पर काली फिल्म लगी थी। जब पुलिस ने उसे हटाया, तो विवाद शुरू हो गया। आरोप है कि कार में सवार एक महिला ने पुलिसकर्मियों के साथ गाली-गलौज की और उन्हें लात तक मार दी थी।
इनकम टैक्स की रेड और 'पिस्तौल' का ड्रामा
वर्ष 2024 में जब आयकर विभाग (Income Tax) ने उनकी फर्म 'बंशीधर टोबैको' पर छापेमारी की, तो शिवम ने अधिकारियों पर ही पिस्तौल तान दी थी। बाद में उसने सफाई दी कि उसे लगा कि 'लुटेरे' आ गए हैं। इस छापेमारी में अरबों की कर चोरी और बेनामी संपत्ति के संकेत मिले थे।
'4018': लग्जरी गाड़ियों का लकी नंबर
जांच में एक और दिलचस्प बात सामने आई। मिश्रा परिवार की हर लग्जरी गाड़ी (चाहे वो लैंबॉर्गिनी हो, पोर्श या कोई और) पर एक ही VIP नंबर '4018' दर्ज होता है। करोड़ों की गाड़ियों के लिए लाखों रुपये खर्च करके सिर्फ यही नंबर लिया जाता है। परिवार इसे अपना लकी नंबर मानता है, जो अब उनकी पहचान बन चुका है।

