10 हजार कमाने वाले गार्ड को थमाया 3 करोड़ का GST नोटिस, फिर जो हुआ....
punjabkesari.in Thursday, Aug 20, 2026 - 09:47 AM (IST)
Kanpur News: शहर के नौबस्ता स्थित हंसपुरम निवासी ओम जी शुक्ला की जिंदगी एक झटके में तब तबाह हो गई, जब उनके घर जीएसटी विभाग का एक नोटिस पहुंचा। महीने के 10 हजार रुपए कमाकर जैसे-तैसे अपना परिवार पालने वाले इस सिक्योरिटी गार्ड के नाम पर विभाग ने 17 करोड़ रुपए से अधिक का टर्नओवर दिखा दिया और हाथों-हाथ 3 करोड़ रुपए से ज्यादा का टैक्स बकाया निकाल दिया। शुक्ला का कहना है कि उन्होंने जिंदगी में कभी 3 लाख रुपए भी एक साथ नहीं देखे, 3 करोड़ तो बहुत दूर की बात है।
सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, साल 2025 के सितंबर महीने में मिले इस नोटिस के बाद से ओम जी शुक्ला की दुनिया ही उजड़ गई। नोटिस मिलने के बाद से ही वह इंसाफ के लिए अफसरों के चक्कर काट रहे हैं। इस भागदौड़ में उनकी सिक्योरिटी गार्ड की नौकरी भी हाथ से चली गई। इतना ही नहीं, जीएसटी रिकॉर्ड में करोड़पति दर्ज होने के कारण उनका राशन कार्ड तक रद्द कर दिया गया और तमाम सरकारी सुविधाओं से भी उन्हें बेदखल कर दिया गया। हालात यह हो गए हैं कि अब घर में चूल्हा जलना भी मुश्किल हो रहा है।
बताया जा रहा है कि हर दरवाजे से खाली हाथ लौटने के बाद ओम जी मंगलवार को पुलिस कमिश्नर रघुवीर लाल के दफ्तर पहुंचे। पुलिस कमिश्नर के सामने अपनी आपबीती सुनाते हुए वह फूट-फूटकर रो पड़े। पीड़ित ने बताया कि किसी शातिर ने उनके पैन कार्ड और जरूरी कागजात का गलत इस्तेमाल करके फर्जी फर्म बना ली और उनकी जानकारी के बिना करोड़ों का कारोबार कर डाला। पुलिस कमिश्नर ने मामले को बेहद गंभीर मानते हुए नौबस्ता पुलिस को तुरंत केस दर्ज करने के आदेश दिए हैं।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पूरी जांच Crime Branch को सौंप दी गई है। क्राइम ब्रांच अब यह पता लगाएगी कि शुक्ला के दस्तावेजों से फर्जी फर्म किसने बनाई और इतना बड़ा कारोबार किसके इशारे पर हुआ। वहीं, व्यापार मंडल ने भी इस मामले में जीएसटी अधिकारियों की भूमिका पर सवाल खड़े किए हैं। व्यापार मंडल का कहना है कि जीएसटी नंबर जारी करते वक्त वेरिफिकेशन (सत्यापन) और फोटो जैसी अनिवार्य प्रक्रियाएं होती हैं, फिर एक गरीब गार्ड के नाम पर इतना बड़ा फर्जीवाड़ा कैसे हो गया? अब सभी की निगाहें पुलिस की जांच पर टिकी हैं।

