लाश काटने के लिए मंगाया ऑनलाइन चाकू, बहन से बोला- ''सब मैं देख लूंगा''; वेब सीरीज देख रची थी पिता के कत्ल की साजिश
punjabkesari.in Thursday, Feb 26, 2026 - 11:02 AM (IST)
Lucnow News: राजधानी के आशियाना में पिता की हत्या कर शव के टुकड़े करने वाले अक्षत सिंह ने पुलिस पूछताछ में अपनी खौफनाक साजिश की परतें खोल दी हैं। पुलिस रिमांड के दौरान आरोपी ने बताया कि कैसे उसने हत्या के बाद सबूत मिटाने के लिए कई हथकंडे अपनाए और अपनी छोटी बहन को डराकर चुप रखा।
ऑनलाइन मंगवाया चाकू, काम नहीं बना तो लाया आरी
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, अक्षत ने पूछताछ में कबूल किया कि 20 फरवरी की सुबह उसने पिता की लाइसेंसी राइफल से उनके सिर में गोली मार दी थी। हत्या के बाद वह घबराया नहीं, बल्कि लाश को ठिकाने लगाने की योजना बनाने लगा। उसने पहले ऑनलाइन चाकू ऑर्डर किया ताकि शव के टुकड़े कर सके। जब चाकू छोटा पड़ा और उससे हड्डियां नहीं कटीं, तो वह बाजार गया और आरी खरीद लाया। आरी से उसने पिता के हाथ और पैर काटकर अलग किए और उन्हें सुनसान जगहों पर फेंक दिया, जबकि धड़ और सिर को नीले ड्रम में रजाई-गद्दों के नीचे छिपा दिया ताकि बदबू ना आए।
'आई विल हैंडल दिस', बहन को दी थी धमकी
जांच में सामने आया है कि वारदात के वक्त अक्षत की छोटी बहन दूसरे कमरे में थी। गोली की आवाज सुनकर जब वह भाई के पास पहुंची और पिता की लाश देखी, तो वह सन्न रह गई। अक्षत ने उसे डराया और अंग्रेजी में कहा कि आई विल हैंडल दिस (मैं इसे संभाल लूंगा)। भाई के खौफ और जान से मारने की धमकी के कारण वह मासूम कई दिनों तक चुप रही और सामान्य तरीके से स्कूल भी जाती रही।
वेब सीरीज वध से सीखा सबूत मिटाना
अक्षत ने पुलिस को बताया कि उसने हाल ही में वध नाम की वेब सीरीज देखी थी। इसी सीरीज से उसे आइडिया आया कि लाश के टुकड़े कर उसे अलग-अलग जगहों पर फेंकने से पुलिस को चकमा दिया जा सकता है। पुलिस ने यह भी साफ किया कि पिता के अफेयर की बातें फिलहाल अफवाह हैं और जांच में ऐसा कुछ नहीं मिला है।
पढ़ाई में अव्वल था, फिर बिगड़ा रास्ता
परिजनों ने पुलिस को जानकारी दी है कि अक्षत 12वीं कक्षा तक पढ़ाई में बहुत अच्छा था। लेकिन उसके बाद उसका मन पढ़ाई से उचट गया। पिता उसे डॉक्टर बनाना चाहते थे, जबकि वह बिजनेस करना चाहता था। यही जिद और आपसी झगड़ा इस खौफनाक हत्याकांड की मुख्य वजह बना।
पुलिस को गुमराह करने के लिए गढ़ी कहानी
अक्षत ने शुरुआत में पुलिस को बताया था कि उसके पिता दिल्ली गए हैं और उनके फोन स्विच ऑफ हैं। उसने इसे आत्महत्या का रूप देने की भी कोशिश की। लेकिन जब पुलिस ने सख्ती दिखाई और मोबाइल की लोकेशन और बयानों में अंतर पाया, तो अक्षत टूट गया और अपना जुर्म कबूल कर लिया।

