''अरे ओ सपाइयों कभी लंदन गए हो...'', अखिलेश पर क्यों बरसे OP राजभर? सोशल मीडिया पोस्ट से यूपी की राजनीति में बढ़ी जुबानी जंग
punjabkesari.in Sunday, May 31, 2026 - 04:02 PM (IST)
लखनऊः उत्तर प्रदेश की सियासत में विधानसभा चुनाव 2027 से पहले आरोप-प्रत्यारोप का दौर लगातार तेज होता जा रहा है। इसी क्रम में योगी सरकार में कैबिनेट मंत्री और सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष ओमप्रकाश राजभर ने समाजवादी पार्टी और उसके राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव पर तीखा निशाना साधा है। सोशल मीडिया पर किए गए एक लंबे पोस्ट में राजभर ने अखिलेश यादव की संभावित विदेश यात्रा को लेकर तंज कसते हुए सपा कार्यकर्ताओं पर भी टिप्पणी की।
विदेश यात्रा को लेकर साधा निशाना
ओमप्रकाश राजभर ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में दावा किया कि समाजवादी पार्टी के प्रमुख एक बार फिर विदेश यात्रा की तैयारी में हैं। उन्होंने व्यंग्यात्मक अंदाज में कहा कि प्रदेश की गर्मी और राजनीतिक गतिविधियों के बीच सपा नेतृत्व विदेश जाने की तैयारी कर रहा है। राजभर ने यह भी आरोप लगाया कि विपक्षी दल के नेता जनता के बीच कम और सोशल मीडिया तथा प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए अधिक सक्रिय दिखाई देते हैं।
सपा कार्यकर्ताओं पर भी की टिप्पणी
अपने पोस्ट में राजभर ने सपा कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कई राजनीतिक और व्यक्तिगत टिप्पणियां कीं। उन्होंने कहा कि पार्टी के कार्यकर्ता नेतृत्व के समर्थन में जुटे रहते हैं, जबकि राजनीतिक परिस्थितियां उनके पक्ष में नहीं दिखाई दे रही हैं। उन्होंने दावा किया कि 2027 के विधानसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी को जनता का अपेक्षित समर्थन नहीं मिलेगा।
शिक्षा और राजनीतिक नेतृत्व पर उठाए सवाल
राजभर ने अपने बयान में अखिलेश यादव और उनके परिवार की शिक्षा का उल्लेख करते हुए विपक्षी दल के नेतृत्व पर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी नेतृत्व अपने समर्थकों को राजनीतिक रूप से सक्रिय रखने तक सीमित है, जबकि उनके भविष्य और विकास को लेकर गंभीर प्रयास नहीं किए जा रहे हैं।
कानून-व्यवस्था को लेकर भी साधा निशाना
पोस्ट में राजभर ने समाजवादी पार्टी के कार्यकाल और उसके समर्थकों को लेकर कानून-व्यवस्था संबंधी आरोप भी लगाए। उन्होंने दावा किया कि अपराध और अराजकता की राजनीति को बढ़ावा देने वाले तत्वों के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी। हालांकि, इन आरोपों पर समाजवादी पार्टी की ओर से फिलहाल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
2027 चुनाव से पहले तेज हो रही सियासी बयानबाजी
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि जैसे-जैसे 2027 का विधानसभा चुनाव करीब आएगा, वैसे-वैसे राजनीतिक दलों के बीच बयानबाजी और हमले और तेज हो सकते हैं। भाजपा और उसके सहयोगी दल जहां विपक्ष को घेरने की कोशिश कर रहे हैं, वहीं विपक्षी दल भी सरकार की नीतियों और कामकाज पर लगातार सवाल उठा रहे हैं।
चुनावी माहौल में बढ़ी राजनीतिक गर्मी
उत्तर प्रदेश में चुनावी तैयारियों के बीच नेताओं के बीच सोशल मीडिया वार अब सियासत का अहम हिस्सा बन चुका है। आने वाले दिनों में इस तरह की राजनीतिक बयानबाजी और तीखी होने की संभावना जताई जा रही है, जिससे प्रदेश का राजनीतिक माहौल और गर्मा सकता है।

