‘घर का मजबूत स्तंभ चला गया…’ रिंकू सिंह के पिता के निधन पर प्रिया सरोज का भावुक संदेश
punjabkesari.in Friday, Feb 27, 2026 - 11:03 PM (IST)
Priya Saroj Statement: भारतीय क्रिकेट टीम के खिलाड़ी Rinku Singh के पिता खानचंद सिंह का 27 फरवरी 2026 को निधन हो गया। वे लंबे समय से स्टेज-4 लिवर कैंसर से जूझ रहे थे। ग्रेटर नोएडा के Yatharth Hospital में उनका इलाज चल रहा था। हालत गंभीर होने पर उन्हें वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा गया, लेकिन सुबह करीब 5 बजे उन्होंने अंतिम सांस ली। रिंकू सिंह उस समय ICC T20 World Cup में भारतीय टीम के साथ थे। पिता की तबीयत बिगड़ने की सूचना मिलते ही वे टूर्नामेंट छोड़कर घर लौट आए और अंतिम संस्कार में शामिल हुए।
प्रिया सरोज का भावुक संदेश
मछलीशहर से सांसद Priya Saroj, जिनकी रिंकू सिंह से सगाई हो चुकी है, ने सोशल मीडिया पर गहरा शोक व्यक्त किया। उन्होंने लिखा कि पिता का साया उठ जाना जीवन की सबसे बड़ी क्षति होती है।
उन्होंने कहा कि खानचंद सिंह ने जीवनभर संघर्ष किया और परिवार को आगे बढ़ाने के लिए हर संभव प्रयास किए। प्रिया ने ईश्वर से दिवंगत आत्मा की शांति और परिवार को यह दुख सहने की शक्ति देने की प्रार्थना की।
संघर्ष से स्टारडम तक का सफर
खानचंद सिंह मूल रूप से बुलंदशहर के रहने वाले थे और रोज़गार की तलाश में वर्षों पहले अलीगढ़ आ बसे थे। वे एक गैस एजेंसी में काम करते थे और साइकिल से घर-घर सिलेंडर पहुंचाते थे। सीमित संसाधनों के बावजूद उन्होंने बेटे के क्रिकेट के सपने को समर्थन दिया।
रिंकू सिंह ने जूनियर स्तर से लेकर रणजी ट्रॉफी तक मेहनत के दम पर जगह बनाई। आईपीएल में पांच गेंदों पर पांच छक्के लगाकर वे राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में आए और परिवार की आर्थिक स्थिति भी बदली।
बीमारी से जंग और अंतिम विदाई
करीब डेढ़ साल पहले खानचंद सिंह को गंभीर बीमारी का पता चला था। परिवार लगातार उनके इलाज में जुटा रहा। अलीगढ़ में अंतिम संस्कार के दौरान रिंकू सिंह ने पिता को कंधा दिया। क्रिकेट जगत से Virat Kohli, Yuvraj Singh और Harbhajan Singh समेत कई खिलाड़ियों ने शोक व्यक्त किया और परिवार के प्रति संवेदना जताई।
शादी की तैयारियों पर असर
रिंकू सिंह और प्रिया सरोज की सगाई जून 2025 में हुई थी और 2026 में विवाह प्रस्तावित था। पिता के निधन से परिवार शोक में डूबा है, जिससे आगे की योजनाओं पर असर पड़ सकता है। यह खबर क्रिकेट प्रेमियों और खेल जगत के लिए भावुक कर देने वाली है, क्योंकि एक संघर्षशील पिता की प्रेरणा ने ही रिंकू सिंह को इस मुकाम तक पहुंचाया था।

