''2 बकरी और पानी की टंकी का लालच...'', Lucknow में धर्मांतरण के खेल का ऐसे हुआ बड़ा खुलासा
punjabkesari.in Wednesday, Aug 12, 2026 - 09:51 AM (IST)
Lucknow News: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के मोहनलालगंज इलाके से प्रार्थना सभा की आड़ में कथित धर्मांतरण के प्रयास का मामला सामने आया है। रायपुर भदेशवा गांव स्थित एक मकान में चल रही प्रार्थना सभा के दौरान हिंदू संगठनों ने जमकर हंगामा किया। सूचना पाकर पहुंची पुलिस ने पादरी चंद्रिका प्रसाद सहित वहां मौजूद कुछ लोगों को हिरासत में ले लिया और पूछताछ के लिए थाने ले आई।
मिली जानकारी के मुताबिक, बजरंग दल और श्रीराम सनातन सेवा समिति के कार्यकर्ताओं का आरोप है कि सभा में गरीब ग्रामीणों को लालच देकर ईसाई धर्म अपनाने के लिए उकसाया जा रहा था। कार्यकर्ताओं ने पुलिस को बताया कि मौके से एक डायरी और धार्मिक साहित्य बरामद हुआ है। आरोप है कि डायरी में लोगों को 2-2 बकरियां देने और घरों में पानी की टंकी बनवाने जैसे कथित प्रलोभनों का ब्योरा दर्ज है। इसके अलावा हिंदू नाम का इस्तेमाल कर लोगों को गुमराह करने का भी पादरी पर आरोप लगाया गया है।
मामले पर मोहनलालगंज पुलिस का कहना है कि जब वे मौके पर पहुंचे तो वहां केवल 4-5 लोग मौजूद थे। शुरुआती पूछताछ में लोगों ने अपनी मर्जी से प्रार्थना सभा में आने की बात कही है। थाना प्रभारी के मुताबिक, शुरुआती जांच से पता चला है कि इस स्थान पर साल 2009-10 से प्रार्थना सभाएं आयोजित की जा रही हैं। पुलिस का कहना है कि फिलहाल किसी भी ग्रामीण या पीड़ित की तरफ से जबरन धर्मांतरण या लालच दिए जाने की लिखित शिकायत नहीं मिली है।
हंगामे के बाद बजरंग दल कार्यकर्ताओं ने पुलिस पर ढुलमुल रवैया अपनाने का आरोप लगाया। उनका कहना है कि पुलिस लिखित शिकायत लेने में टालमटोल कर रही है और प्रत्यक्ष पीड़ित के आने की शर्त रख रही है। हालांकि, पुलिस अधिकारियों का स्पष्ट कहना है कि पूरे मामले की गहराई से जांच की जा रही है और तथ्यों के आधार पर ही आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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इस घटना के बाद अखिल भारत हिंदू महासभा भी आक्रामक हो गई है। संगठन के राष्ट्रीय प्रवक्ता शिशिर चतुर्वेदी ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को ज्ञापन भेजकर चंगाई सभाओं के नाम पर हो रहे कथित धर्मांतरण के खिलाफ सख्त कानून बनाने की मांग की है। संगठन का आरोप है कि बिना प्रशासनिक अनुमति के ऐसी सभाएं चलाई जा रही हैं, जहां गरीब और वंचित वर्ग के लोगों को इलाज, शिक्षा, नौकरी और पैसों का झांसा देकर भ्रमित किया जा रहा है।

