गाजियाबाद की 3 बहनों की आखिरी जिद क्या थी? मौत से पहले की मांग पर पिता का बड़ा खुलासा, जिसने सबको चौंकाया

punjabkesari.in Friday, Feb 06, 2026 - 10:31 AM (IST)

Ghaziabad News: गाजियाबाद में तीन नाबालिग सौतेली बहनों की मौत के मामले में कई चौंकाने वाली बातें सामने आई हैं। मृत बच्चियों की उम्र 11, 14 और 16 साल बताई गई है। यह घटना बीते बुधवार को उनके अपार्टमेंट में हुई, जिससे पूरे इलाके में सनसनी फैल गई। घटना के एक दिन बाद पिता ने पुलिस को बताया कि मौत से कुछ घंटे पहले तीनों बेटियां उनसे दक्षिण कोरिया भेजने की जिद कर रही थीं। पिता के अनुसार बच्चियां लगातार कह रही थीं कि अगर उन्हें वहां नहीं भेजा गया, तो वे गलत कदम उठा लेंगी।

ऑनलाइन गेम से जुड़ा दावा सही नहीं
शुरुआत में पिता ने इस घटना को कथित “ऑनलाइन टास्क-बेस्ड गेम्स” से जोड़ा था। इस एंगल से पुलिस ने भी जांच शुरू की, लेकिन अब तक किसी भी तरह के ऑनलाइन गेम या टास्क से जुड़े सबूत नहीं मिले हैं। ट्रांस हिंडन जोन के डीसीपी निमिष पाटिल ने बताया कि पुलिस को जांच में ऐसा कोई डिजिटल प्रमाण नहीं मिला है, जिससे यह साबित हो सके कि बच्चियां किसी खतरनाक गेम के संपर्क में थीं।

मोबाइल जांच में क्या निकला
पुलिस ने जिस मोबाइल फोन की जांच की, वह बच्चियों की मां का था। डीसीपी के मुताबिक, फोन में न तो कोई संदिग्ध मैसेज मिला, न कॉल रिकॉर्ड और न ही किसी तरह की टास्क-बेस्ड गेमिंग से जुड़ी जानकारी सामने आई है। पुलिस परिवार के दावों की पुष्टि कर रही है और सभी पहलुओं पर जांच जारी है।

कोरियन पॉप कल्चर का असर
पुलिस जांच में सामने आया है कि तीनों बहनें कोरियन पॉप कल्चर से काफी प्रभावित थीं। वे के-ड्रामा, के-पॉप म्यूजिक और डांस वीडियो नियमित रूप से देखती थीं। पिता का दावा है कि बच्चियों ने कोरियन संस्कृति से इतना जुड़ाव बना लिया था कि उन्होंने अपने नाम तक बदल लिए थे और भारतीय नामों का इस्तेमाल बंद कर दिया था।

पढ़ाई छोड़ने का भी दावा
पिता के अनुसार, करीब दो साल पहले तीनों बहनों ने पढ़ाई भी छोड़ दी थी और लगातार कोरिया जाकर पढ़ने की बात करती थीं। परिवार जब उन्हें भारत या भारतीय संस्कृति से जुड़ी बातें समझाने की कोशिश करता था, तो वे नाराज हो जाती थीं। कुछ मौकों पर उन्होंने खाना तक छोड़ दिया था।

पुलिस आत्महत्या मानकर कर रही जांच
फिलहाल पुलिस इस मामले की जांच आत्महत्या मानकर कर रही है। डीसीपी ने बताया कि पिछले 6–7 महीनों में इस्तेमाल किए गए दो पुराने मोबाइल फोन पिता ने बेच दिए थे, जिन्हें अब ट्रेस करने की कोशिश की जा रही है। पुलिस का कहना है कि यदि परिवार कोई ठोस सबूत उपलब्ध कराता है, तो हर एंगल से जांच की जाएगी।

समाज के सामने कई सवाल
इस दर्दनाक घटना ने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं—क्या बच्चों पर डिजिटल कंटेंट का जरूरत से ज्यादा असर खतरनाक हो सकता है और समय रहते उनकी मानसिक स्थिति को समझना कितना जरूरी है। पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही मामले की पूरी सच्चाई सामने आ पाएगी।


सबसे ज्यादा पढ़े गए

Content Editor

Anil Kapoor

Related News

static