GAS की बलि चढ़ा 7 साल का रिश्ता: Greater Noida में बुझा रसोई का चूल्हा, तो बच्चों को छोड़ मायके चली गई पत्नी
punjabkesari.in Tuesday, Mar 17, 2026 - 06:53 AM (IST)
Greater Noida: कहते हैं कि दिल का रास्ता पेट से होकर गुजरता है, लेकिन जब चूल्हा जलाने के लिए ईंधन ही ना हो, तो रिश्तों की मिठास कड़वाहट में बदल जाती है। ऐसा ही एक चौंकाने वाला मामला ग्रेटर नोएडा के रबूपुरा इलाके से सामने आया है, जहां रसोई गैस सिलेंडर की किल्लत एक भरे-पूरे परिवार के टूटने की वजह बन गई।
क्या है पूरा मामला?
रबूपुरा थाना क्षेत्र के भन्नातागा गांव के रहने वाले दिनेश, जो पेशे से एक ट्रैक्टर चालक हैं, इन दिनों एक अजीबोगरीब पारिवारिक संकट से जूझ रहे हैं। करीब 7 साल पहले उनकी शादी हुई थी और उनके 2 बच्चे भी हैं। सब कुछ ठीक चल रहा था, लेकिन पिछले एक हफ्ते से घर का रसोई गैस सिलेंडर (LPG Cylinder) खत्म होना विवाद की जड़ बन गया।
धुएं और चूल्हे ने बढ़ाई तकरार
गैस खत्म होने के बाद दिनेश की पत्नी को मजबूरी में लकड़ी और उपलों पर खाना बनाना पड़ रहा था। आंखों में चुभता धुआं और चूल्हे की मशक्कत ने महिला के सब्र का बांध तोड़ दिया। पत्नी का आरोप है कि उसने कई बार अपने पति से नया सिलेंडर लाने को कहा, लेकिन दिनेश काम की व्यस्तता या अन्य कारणों से लापरवाही बरतता रहा। इसी बात को लेकर घर में रोजाना झगड़ा होने लगा। विवाद इतना बढ़ा कि महिला ने अल्टीमेटम दे दिया कि जब तक घर में गैस नहीं आएगी, मैं कदम नहीं रखूंगी।
बच्चों को छोड़कर मायके गई पत्नी
सोमवार को यह विवाद अपने चरम पर पहुंच गया। गुस्से में आकर महिला अपने पति और बच्चों को छोड़कर मायके चली गई। उसने स्पष्ट कर दिया है कि वह तभी वापस लौटेगी जब रसोई में नया गैस सिलेंडर रखा होगा। फिलहाल यह मामला पूरे गांव में चर्चा का विषय बना हुआ है।
किल्लत और महंगाई का सामाजिक असर
ग्रामीणों का कहना है कि यह केवल एक घर की कहानी नहीं है। गैस सिलेंडर की बढ़ती कीमतों और सप्लाई में देरी के कारण मध्यम और निम्न वर्ग के परिवारों में मानसिक तनाव बढ़ रहा है। कई इलाकों में बुकिंग के बावजूद समय पर सिलेंडर नहीं मिल रहे हैं। बुनियादी सुविधाओं की कमी अब सीधे रिश्तों पर असर डाल रही है। हालांकि, पीड़ित पति ने अभी तक इस मामले में पुलिस से कोई औपचारिक शिकायत नहीं की है, लेकिन यह घटना क्षेत्र में चर्चा-ए-आम है।

