इंस्टाग्राम पर गुडबाय लिखकर युवती ने पीया जहर... देवदूत बनकर पहुंची यूपी पुलिस, फिर बदल गई पूरी कहानी
punjabkesari.in Saturday, Mar 21, 2026 - 01:34 PM (IST)
लखनऊ: आजकल सोशल मीडिया का ट्रेंड काफी बढ़ गया है खासकर युवा इंस्टाग्राम, फेसबुक जैस अन्य साइटों पर रील्स देखने में अधिक समय बिताते जिससे उनकी पढ़ाई और मानसिक स्वास्थ्य पर नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है। लेकिन इसके कई फायदे भी हैं।
दरअसल, उत्तर प्रदेश पुलिस और Meta के बीच हुए समझौते के तहत सोशल मीडिया पर आत्महत्या से जुड़े किसी भी घटना को लेकर उत्तर प्रदेश पुलिस मुख्यालय के सोशल मीडिया सेंटर अलर्ट कर देता है। उसके बाद मौके पर स्थानीय थाने पर सूचना पहुंच जाती है जिससे किसी का घर उजड़ने से बच जाता है। पुलिस ने इस तकनीक के दम पर दो जिंदगियां बचाकर मिसाल पेश की है। पिछले 24 घंटों के भीतर Meta के Facebook और Instagram से मिले सुसाइड अलर्ट के आधार पर पुलिस ने एक युवक और एक युवती को समय रहते बचा लिया।
लोकेशन ट्रेस कर महज 15 मिनट में पहुंची पुलिस, बची जान
पहला मामला सुल्तानपुर के जयसिंहपुर थाना क्षेत्र का है, जहां 19 वर्षीय युवती ने इंस्टाग्राम पर जहर पीते हुए वीडियो पोस्ट कर आत्महत्या की मंशा जाहिर की। शाम करीब 6:55 बजे अलर्ट मिलते ही पुलिस ने तत्काल लोकेशन ट्रेस कर महज 15 मिनट में युवती तक पहुंच बनाई। उस समय वह जहर पी चुकी थी और उसकी हालत बिगड़ रही थी। पुलिस ने तुरंत उसे उपचार दिलाया और काउंसलिंग के जरिए उसकी जान बचाई। प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया कि प्रेम संबंध में परिवार की असहमति के चलते वह मानसिक तनाव में थी।
पारिवारिक विवाद में युवक ने जान देने का किया था प्रयास
दूसरी घटना कौशाम्बी के मंझनपुर क्षेत्र की है, जहां 18 वर्षीय युवक ने सोशल मीडिया पर “आज मेरा आखिरी दिन है” लिखकर जहर खाने की बात कही। दोपहर 1:12 बजे अलर्ट मिलते ही पुलिस ने मात्र 10 मिनट में उसके घर पहुंचकर उसे आत्मघाती कदम उठाने से रोक लिया। युवक पारिवारिक विवाद के कारण तनाव में था।
आत्महत्या से जुड़े संकेत पर अलर्ट हो जाती है पुलिस
पुलिस के अनुसार, 2022 से उत्तर प्रदेश पुलिस और Meta के बीच हुए समझौते के तहत सोशल मीडिया पर आत्महत्या से जुड़े संकेत मिलते ही तुरंत अलर्ट भेजा जाता है। इसके बाद संबंधित थाना क्षेत्र की पुलिस को लोकेशन देकर तत्काल कार्रवाई कराई जाती है।
यूपी पुलिस ने अब तक बचाई 2266 लोगों की जान
इस तकनीकी पहल के जरिए 1 जनवरी 2023 से 15 मार्च 2026 तक कुल 2266 लोगों की जान बचाई जा चुकी है। इस सराहनीय प्रयास के लिए यूपी पुलिस को SKOCH Award 2025 और ET Government Tech Award 2026 से सम्मानित किया जा चुका है।

