अखिलेश दुबे केस: कानपुर पुलिस की भूमिका उजागर, 4 इंस्पेक्टर समेत दो दारोगा सस्पेंड; जांच तेज

punjabkesari.in Saturday, Aug 30, 2025 - 11:36 PM (IST)

Kanpur News: अधिवक्ता अखिलेश दुबे के खिलाफ दर्ज मामलों में पुलिस की मिलीभगत के खुलासे के बाद पुलिस कमिश्नर अखिल कुमार ने बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई करते हुए चार इंस्पेक्टर और दो दरोगाओं को निलंबित कर दिया है। इस कार्रवाई से पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है।

क्या है मामला?
भाजपा नेता रवि सतीजा ने आरोप लगाया था कि अधिवक्ता अखिलेश दुबे और उसकी साथी लवी मिश्रा ने एक युवती के माध्यम से झूठा बलात्कार का मुकदमा दर्ज कराया, जिससे सतीजा को फंसाया जा सके। इस मामले में दोनों आरोपियों को जेल भेजा जा चुका है। इसके बाद जब मामले की SIT जांच शुरू हुई, तो खुलासा हुआ कि कई पुलिस अधिकारी आरोपियों की मदद कर रहे थे। इसी आधार पर कमिश्नर ने 6 पुलिसकर्मियों पर बड़ी कार्रवाई की।

सस्पेंड किए गए अधिकारियों के नाम और आरोप:
1  इंस्पेक्टर मानवेंद्र सिंह
,  तत्कालीन प्रभारी निरीक्षक पनकी द्वारा भूमि विवाद में शिकायतकर्ता की रिपोर्ट पर कार्रवाई न करना। अखिलेश दुबे से साठगांठ और वरिष्ठ अधिकारियों को सूचना न देना।

2 इंस्पेक्टर आशीष कुमार द्विवेदी
 कानपुर नगर के थाना नवाबगंज और फजलगंज में थाना प्रभारी के पद पर नियुक्ति के दौरान भू-माफिया एवं अपराधी अखिलेश दुबे व उसके गैंग को संरक्षण देने और अखिलेश दुबे गैंग के अपराधों में इनकी भूमिका व संलिप्तता से सम्बन्धित तथ्य प्रकाश में आने के कारण कार्रवाई हुई।

3  इंस्पेक्टर अमान सिंह
 थाना ग्वालटोली में तैनाती के दौरान अभियुक्तों को लाभ पहुंचाना,
 कोर्ट को बिना वरिष्ठ अधिकारियों की जानकारी दिए बेल कमेंट भेजना।

4 इंस्पेक्टर नीरज ओझा
थाना प्रभारी बर्रा रहते हुए फर्जी तथ्य पेश करना,
पीड़िता को अपनी पुत्रवधू बताकर केस को भटकाने की कोशिश और अन्य दो दारोगा (नाम सार्वजनिक नहीं किए गए)  इनके खिलाफ भी आरोपियों को मदद देने और मामले में अनियमितताओं के साक्ष्य पाए गए हैं।

कमिश्नर का संदेश
कमिश्नर अखिल कुमार ने कहा कि, "कानून से ऊपर कोई नहीं है। अगर कोई भी पुलिसकर्मी अपराधियों से मिला हुआ पाया गया, तो उसके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।"


सबसे ज्यादा पढ़े गए

Content Editor

Mamta Yadav

Related News

static