अयोध्या मामले की 27वीं बरसी कल: हिंदू संगठन शौर्य दिवस नहीं मनाकर मंदिरों में जलाएंगे दीप

12/5/2019 12:42:43 PM

लखनऊः उत्तर प्रदेश के अयोध्या में 6 दिसंबर, 1992 को विवदित ढांचा गिराए जाने की 27वीं बरसी पर हिंदू संगठन शौर्य दिवस नहीं मनाकर सिर्फ मंदिरों और मठों में दीप जलाएंगे। इसके अलावा मंदिरों में भजन कीर्तन कर भगवान से राम मंदिर के निर्माण का संकल्प जल्द पूरा करने के लिए प्रार्थना की जाएगी।

शौर्य दिवस का कोई औचित्य नहीं
दरअसल राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और अन्य हिंदू संगठन कोई भी ऐसी स्थिति उत्पन्न नहीं होने देना चाहते जिससे दूसरे पक्ष को इस मामले में नया विवाद खड़ा करने का मौका मिले। सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद इसे हिंदुओं की जीत बताने या जश्न मनाने से समाज में तनाव फैल सकता है। यदि कोई विवाद होता है तो सुप्रीम कोर्ट इसका संज्ञान भी ले सकता है। श्रीराम जन्मभूमि न्यास के अध्यक्ष महंत नृत्यगोपाल दास ने कहा कि 9 नवंबर को सुप्रीम कोर्ट ने सत्य पर मुहर लगाकर भगवान राम को टाट के अस्थायी मंदिर से मुक्त कर भव्य मंदिर में विराजमान करने का मार्ग प्रशस्त कर दिया है। इसलिए अब ‘शौर्य दिवस‘ का कोई औचित्य नहीं है।

दूसरी तरफ, सुप्रीम कोर्ट के निर्णय के विरोध में आल इंडिया पर्सनल लॉ बोर्ड कल पुनर्विचार याचिका दायर करेगा। पुनर्विचार याचिका सुन्नी वक्फ बोर्ड के वकील रहे राजीव धवन ही दायर करेंगे। धवन को पहले उनकी खराब सेहत का हवाला देकर हटा दिया गया था, लेकिन बाद में उन्हें ही वकील रखा गया है।


Deepika Rajput

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