देश में तेजी से बढ़ रहे Breast Cancer के मामले, लड़कियां और 40 से कम उम्र की महिलाएं चपेट में... जांच में देरी बन रही खतरा! जानें लक्षण और बचाव
punjabkesari.in Monday, Apr 27, 2026 - 04:33 PM (IST)
UP Desk : ब्रेस्ट कैंसर को लंबे समय तक बढ़ती उम्र की बीमारी माना जाता रहा, लेकिन अब तस्वीर तेजी से बदल रही है। हाल के वर्षों में 20 से 30 साल की महिलाओं में इसके मामलों में चिंताजनक बढ़ोतरी दर्ज की गई है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि बदलती जीवनशैली, देर से मातृत्व और जांच में लापरवाही इस खतरे को और बढ़ा रहे हैं।
क्यों बढ़ रहे हैं मामले?
ग्लोबल हेल्थ एक्सपर्ट्स के अनुसार, आज की मॉडर्न लाइफस्टाइल ब्रेस्ट कैंसर के बढ़ते मामलों की बड़ी वजह बन रही है। देर से शादी, पहले बच्चे के जन्म में देरी, शारीरिक गतिविधि की कमी और असंतुलित खानपान जोखिम को बढ़ा रहे हैं।
मायो क्लिनिक की रिपोर्ट के मुताबिक, कम उम्र की महिलाओं में होने वाला ब्रेस्ट कैंसर अक्सर अधिक आक्रामक होता है। इसके अलावा प्रोसेस्ड फूड का अधिक सेवन और पर्यावरण में मौजूद टॉक्सिन्स हार्मोनल असंतुलन पैदा कर कैंसर के खतरे को बढ़ाते हैं।
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इन लक्षणों को न करें नजरअंदाज
विशेषज्ञों का कहना है कि ब्रेस्ट कैंसर हमेशा दर्द के साथ शुरू नहीं होता। ऐसे में शुरुआती संकेतों पर ध्यान देना बेहद जरूरी है। जिनमें नीचे दिए गए लक्षण शामिल हैं-
*ब्रेस्ट या बगल में गांठ महसूस होना
*त्वचा के रंग या बनावट में बदलाव
*निप्पल से असामान्य स्राव
*ब्रेस्ट के आकार में अचानक बदलाव
*त्वचा का संतरे के छिलके जैसा दिखना
अमेरिकन कैंसर सोसायटी के अनुसार, इन लक्षणों के दिखने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। डॉक्टर्स का कहना है कि शुरुआती चरण में पहचान होने पर ब्रेस्ट कैंसर का इलाज संभव है। इसलिए लक्षणों को नजरअंदाज न करें और समय-समय पर जांच कराते रहें।
बचाव के लिए अपनाएं ये उपाय
विशेषज्ञों के मुताबिक, जागरूकता और समय पर जांच ही सबसे बड़ा बचाव है-
*हर महीने सेल्फ ब्रेस्ट एग्जामिनेशन की आदत डालें
*संतुलित आहार और नियमित व्यायाम अपनाएं
*वजन नियंत्रित रखें
*शराब और धूम्रपान से दूरी बनाएं
यदि परिवार में कैंसर का इतिहास रहा हो, तो जेनेटिक टेस्टिंग और नियमित स्क्रीनिंग कराने की सलाह दी जाती है।

