गाजियाबाद स्कूली छात्र मौत मामले का CM योगी ने लिया संज्ञान: परिवहन विभाग के 3 अधिकारी निलंबित, 51 पर मामला दर्ज

punjabkesari.in Saturday, Apr 23, 2022 - 11:12 AM (IST)

गाजियाबाद: स्कूल बस की खिड़की से बाहर झांकने के दौरान 10 साल के बच्चे की मौत के दो दिन बाद, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर परिवहन विभाग के तीन अधिकारियों को शुक्रवार को निलंबित कर दिया गया। इसके साथ ही पुलिस ने सोशल मीडिया मंचों के जरिये विरोध प्रदर्शन का आह्वान करने के आरोप में शुक्रवार को 51 लोगों पर मामला दर्ज किया। आरोप है कि इन लोगों ने “मृतक के लिए न्याय” के वास्ते एक पुलिस थाने के बाहर “लाठियां” लेकर विरोध प्रदर्शन करने का आह्वान किया।

पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) इराज राजा ने कहा, “लोकेन्द्र आर्य नामक एक स्थानीय व्यक्ति ने बृहस्पतिवार को विरोध प्रदर्शन करने का आह्वान किया था। यह हिंसा भड़काने वाला कृत्य है। इस संबंध में भारतीय दंड संहिता और आईटी कानून के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है।” सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें जिले की एक महिला अधिकारी को, बच्चे की रोती हुई मां को चुप रहने को कहते हुए अंगुली हिलाते हुए देखा जा सकता है। यह कथित वीडियो बृहस्पतिवार का है जब मृतक के परिजनों ने पुलिस के साथ स्कूल प्रशासन की साठगांठ का आरोप लगाते हुए दिल्ली-मेरठ राजमार्ग को बाधित किया था।

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बिलखती मां को धमकाती SDM शुभांगी शुक्ला
महिला अधिकारी की पहचान सब डिविजनल मजिस्ट्रेट शुभांगी शुक्ला के रूप में की गई है जिन्हें सड़क पर बैठी बच्चे की मां पर आपा खोते देखा जा सकता है। वीडियो पर टिप्पणी के लिए प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी उपलब्ध नहीं हो सके। इस बीच, गाजियाबाद के सहायक क्षेत्रीय परिवहन अधिकारियों (एआरटीओ) सतीश कुमार और विश्व प्रताप सिंह तथा रिजर्व निरीक्षक प्रेम सिंह को शुक्रवार को निलंबित कर दिया गया। एआरटीओ (प्रशासन) विश्वजीत सिंह ने इसकी पुष्टि की।

गौरतलब है कि मोदी नगर स्थित एक निजी स्कूल का छात्र अनुराग मेहरा बुधवार को बस से बाहर झांक रहा था जब उसका सिर बिजली के खंभे से टकरा गया और उसकी मौत हो गई। मृतक के परिजनों ने स्कूल प्रशासन के विरुद्ध लापरवाही का मामला दर्ज कराया है। सूत्रों ने बताया कि स्कूल बस में क्षमता से अधिक बच्चे सवार थे। उन्होंने कहा कि परिवहन विभाग द्वारा जारी बस के फिटनेस प्रमाण पत्र की समयसीमा पिछले साल समाप्त हो गई थी। सूत्रों ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गाजियाबाद में सड़क परिवहन विभाग के अधिकारियों की भूमिका का संज्ञान लिया और उनकी कार्यशैली पर नाखुशी जाहिर की। बृहस्पतिवार को हुई बैठक में मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि परिवहन विभाग के कर्मियों की जिम्मेदारी तय की जाए और जो इसके लिए जो जिम्मेदार हैं उन्हें सजा दी जाए।


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Content Writer

Mamta Yadav

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