क्राइम पेट्रोल देख बनाया म/र्डर प्लान, चेहरे पर डाला तेजाब... बिना नंबर की स्कूटी से यूं पकड़े गए पति-पत्नी
punjabkesari.in Tuesday, Sep 08, 2026 - 07:57 AM (IST)
Baghpat News: बागपत जिले के दिल्ली-सहारनपुर हाईवे पर 13 अगस्त को मिली एक किशोरी की अधजली लाश ने पुलिस के पसीने छुड़ा दिए थे। चेहरा तेजाब और पेट्रोल से बुरी तरह जला दिया गया था ताकि पहचान नामुमकिन हो जाए। यह एक ऐसा ब्लाइंड मर्डर था, जहां पुलिस के पास न तो कोई चश्मदीद था और न ही कोई सीधा सुराग। लेकिन बागपत पुलिस की सूझबूझ और 600 से ज्यादा सीसीटीवी कैमरों की पड़ताल ने उस खौफनाक साजिश का पर्दाफाश कर दिया, जिसे आरोपियों ने क्राइम सीरियल देखकर रचा था।
मिली जानकारी के मुताबिक, मामला बागपत के काठा गांव के पास एनएच-709बी का है। 13 अगस्त को कब्रिस्तान की दीवार के पास एक 14 वर्षीय किशोरी का अधजला शव मिलने से हड़कंप मच गया था। शव की हालत देखकर साफ था कि हत्यारों ने पहचान मिटाने की पूरी कोशिश की है। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए एसपी सूरज राय ने तुरंत स्वाट और सर्विलांस टीम को एक्टिव किया।पुलिस ने ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस-वे, दिल्ली-देहरादून कॉरिडोर और आसपास के इलाकों के सीसीटीवी फुटेज खंगालने शुरू किए। लगभग 2,000 से ज्यादा गाड़ियों की चेकिंग और 600 से अधिक कैमरों की जांच के बाद पुलिस की नजर एक खास फुटेज पर टिकी।
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फुटेज में एक बिना नंबर की सफेद स्कूटी नजर आई, जिस पर एक पुरुष, महिला और 2 साल की बच्ची सवार थे। पुलिस ने इसी स्कूटी को अपनी तफ्तीश का केंद्र बनाया। सर्विलांस और लोकल इनपुट के जरिए पुलिस दिल्ली के शास्त्री पार्क, जीरो पुश्ता इलाके में एक किराए के मकान तक पहुंची। मकान मालिक ने बताया कि वहां अमन सागर नाम का युवक अपनी पत्नी रचना, 2 साल की बेटी और 14 साल की किशोरी 'परी' के साथ रहता था। चौकाने वाली बात यह थी कि 13 अगस्त (जिस दिन लाश मिली) को ही अमन अचानक मकान खाली करके गायब हो गया था।
जांच में सामने आया कि अमन मूल रूप से मथुरा का रहने वाला है। जब पुलिस टीम मथुरा पहुंची, तो पता चला कि 17 अप्रैल को हाईवे थाने में 14 वर्षीय परी के अपहरण का मुकदमा दर्ज हुआ था और आरोपी कोई और नहीं बल्कि अमन सागर ही था। इसके बाद कड़ियां जुड़ती गईं। स्वाट टीम ने लोकेशन ट्रैक कर आरोपी अमन सागर और उसकी पत्नी रचना को हाथरस के एक किराए के मकान से धर दबोचा। सख्त पूछताछ में दोनों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया।
पूछताछ में सामने आई कहानी हैरान करने वाली थी। मथुरा में अमन और उसकी पत्नी रचना, परी के घर के सामने कपड़ों की दुकान चलाते थे। यहीं से परी की उनसे पहचान हुई। अमन ने बच्ची की देखभाल के बहाने परी को अपने साथ दिल्ली बुला लिया। लेकिन धीरे-धीरे अमन और परी के बीच नजदीकियां बढ़ गईं। जब इस बात का पता अमन की पत्नी रचना को चला, तो घर में आए दिन झगड़े होने लगे। आखिरकार, पति-पत्नी ने मिलकर परी को हमेशा के लिए रास्ते से हटाने का खौफनाक प्लान बनाया। दोनों ने पहले गला दबाकर परी की हत्या की, फिर शव को एक बोरे में बंद किया। इसके बाद बिना नंबर की स्कूटी पर शव को बीच में रखकर दिल्ली से बागपत पहुंचे। वहां सुनसान जगह देखकर शव पर तेजाब डाला और पेट्रोल छिड़ककर आग लगा दी ताकि कोई पहचान न सके।
एसपी सूरज राय के मुताबिक, आरोपी अमन ने क्राइम पेट्रोल, सावधान इंडिया और सीआईडी जैसे टीवी शो देखकर पुलिस से बचने के पैंतरे सीखे थे। उसे लगा था कि चेहरा जल जाने के बाद पुलिस कभी उस तक नहीं पहुंच पाएगी। लेकिन बिना नंबर की स्कूटी और पुलिस के कड़े सर्विलांस ने उसके सारे मंसूबों पर पानी फेर दिया। इस सनसनीखेज ब्लाइंड मर्डर का सफल खुलासा करने वाली स्वाट और पुलिस टीम की पीठ थपथपाते हुए मेरठ जोन के एडीजी ने 50 हजार रुपए के इनाम की घोषणा की है। फिलहाल आरोपी पति-पत्नी सलाखों के पीछे हैं और पीड़िता के परिवार को न्याय मिलने की उम्मीद जगी है।

