CM योगी ने कहा- कोरोना संक्रमण की रिकवरी दर में हो रहा सुधार, हर रोज किए जाएं सवा 3 लाख कोविड टेस्ट

punjabkesari.in Wednesday, May 12, 2021 - 08:49 PM (IST)

लखनऊ; उत्तर प्रदेश में कोरोना संक्रमण की रिकवरी दर में लगातार हो रहे सुधार के बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि राज्य में हर रोज कोरोना के तीन लाख से सवा तीन लाख टेस्ट किये जायें। योगी ने बुधवार को वर्चुअल माध्यम से आहूत एक उच्चस्तरीय बैठक में कोविड-19 की स्थिति की समीक्षा करते हुये कहा कि राज्य में हर रोज तीन से सवा तीन लाख टेस्ट किये जाये जिनमें से आरटीपीसीआर विधि से 1.5 लाख टेस्ट तथा 1.5 लाख से 1.75 लाख टेस्ट रैपिड एण्टीजन माध्यम से किये जाएं। शेष टेस्ट ट्रूनैट विधि से किये जाएं।

उन्होंने कहा कि कोविड नियंत्रण के लिए सरकार द्वारा अपनायी गई रणनीति के सकारात्मक परिणाम मिल रहे हैं। प्रदेश में इस वैश्विक महामारी का संक्रमण लगातार कम हो रहा है। एक्टिव केसेज की संख्या में निरन्तर कमी आ रही है। 30 अप्रैल को प्रदेश में तीन लाख से अधिक कोरोना संक्रमण के एक्टिव मामले थे। पिछले 11 दिन में संक्रमण के एक्टिव मामलों में एक लाख चार हजार से अधिक की कमी आयी है। पिछले 24 घण्टों में संक्रमण के 18,125 नए मामलों की पुष्टि हुई है, जबकि 24 अप्रैल को कोरोना के 38,000 से अधिक नये मामले आये थे। इस प्रकार प्रतिदिन मिलने वाले नए मामलों की संख्या में लगभग 20,000 की कमी आयी है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आरटीपीसीआर टेस्ट की रिपोटर् 24 घण्टे में उपलब्ध कराने पर फोकस किया जाए। टेस्टिंग लैब की क्षमता के अनुसार ही सैम्पल उपलब्ध कराया जाए। उन्होने कहा कि गांवों को संक्रमण से सुरक्षित रखने के लिए प्रदेश सरकार द्वारा संचालित विशेष जांच अभियान को और प्रभावी बनाया जाए। उन्होंने निगरानी समितियों और आरआरटी के मध्य बेहतर तालमेल पर बल देते हुए कहा कि निगरानी समितियों द्वारा चिन्हित किये गये लक्षणयुक्त अथवा संक्रमण की द्दष्टि से संदिग्ध लोगों के एण्टीजन टेस्ट आरआरटी द्वारा तत्काल किये जाएं।  

उन्होंने कोरोना संक्रमण से बचाव एवं इसके उपचार पर सुझाव देने के लिए गठित चिकित्सा विशेषज्ञों की सलाहकार समिति की संस्तुतियों पर कार्यवाही के लिए मुख्य सचिव की अध्यक्षता में एक कमेटी के गठन का निर्देश देते हुए कहा कि अपर मुख्य सचिव स्वास्थ्य, अपर मुख्य सचिव ग्राम्य विकास एवं पंचायतीराज तथा प्रमुख सचिव चिकित्सा शिक्षा, समिति के सदस्य होंगे। उन्होंने कहा कि अपर मुख्य सचिव स्वास्थ्य तथा प्रमुख सचिव चिकित्सा शिक्षा ‘ब्लैक फंगस' बीमारी के सम्बन्ध में चिकित्सा विशेषज्ञों की सलाहकार समिति से विचार-विमर्श करके, इस संक्रमण से बचाव व उपचार के लिए अपनायी जाने वाली कार्ययोजना प्रस्तुत करें। 


सबसे ज्यादा पढ़े गए

Content Writer

Umakant yadav

Related News

Recommended News

static