ज्ञानवापी प्रकरण: वाराणसी के सिविल जज सीनियर डिवीजन की अदालत में 10 मई को होगी सुनवाई

punjabkesari.in Monday, May 09, 2022 - 04:44 PM (IST)

वाराणसी: ज्ञानवापी प्रकरण में मुस्लिम पक्ष के वकीलों के मुताबिक, कोर्ट कमिश्नर ने उनके प्रार्थना पत्र पर किसी तरह की आपत्ति या जवाब कोर्ट के सामने प्रस्तुत नहीं किया। जिसमें कोर्ट कमिश्नर को हटाने की मांग की गई थी। जबकि वादी पक्ष ने अपना जवाब लिखित तौर पर दिया है। 

वहीं वादी श्रृंगार गौरी हिंदू पक्ष की ओर से वकीलों ने बताया कि उनकी तरफ से मस्जिद का ताला खुलवाकर कोर्ट कमिश्नर की ओर से सर्वे की मांग फिर से कोर्ट में की गई और कोर्ट कमिश्नर ने मौखिक रूप से अपना जवाब और आपत्ति कोर्ट में प्रस्तुत किया लिखित तौर पर नहीं। इस पर कोर्ट ने सुनवाई की अगली तारीख कल 10 मई को तय की है।

यह है पूरा प्रकरण
दिल्ली की राखी सिंह, लक्ष्मी देवी, मंजू व्यास, सीता साहू और रेखा पाठक ने 18 अगस्त 2021 को संयुक्त रूप से सिविल जज सीनियर डिवीजन रवि कुमार दिवाकर की अदालत में याचिका दायर काशी विश्वनाथ धाम-ज्ञानवापी परिसर स्थित शृंगार गौरी और विग्रहों को 1991 की पूर्व स्थिति की तरह नियमित दर्शन-पूजन के लिए सौंपा जाए। आदि विश्वेश्वर परिवार के विग्रहों की यथास्थिति रखी जाए। सुनवाई के क्रम में आठ अप्रैल 2022 को अदालत ने कोर्ट कमिश्नर नियुक्त किया। कोर्ट कमिश्नर ने 19 अप्रैल को सर्वे करने की तिथि से अदालत को अवगत कराया। इससे एक दिन पहले 18 अप्रैल को जिला प्रशासन ने शासकीय अधिवक्ता के जरिए याचिका दाखिल कर वीडियोग्राफी व फोटोग्राफ पर रोक लगाने की मांग की। 

उधर, 19 अप्रैल को विपक्षी अंजुमन इंतजामिया मसाजिद कमेटी ने भी हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर रोकने की गुहार लगाई। हाईकोर्ट ने याचिका खारिज कर निचली अदालत के आदेश को बरकरार रखा। 20 अप्रैल को निचली अदालत ने भी सुनवाई पूरी की। 26 अप्रैल को निचली अदालत ने ईद के बाद सर्वे की कार्यवाही शुरू करने का आदेश दिया। आदेश के तहत कोर्ट कमिश्नर ने छह मई को सर्वे करने से कोर्ट को अवगत कराया है। प्रकरण में अगली सुनवाई 10 मई को होनी है। वादी ने इस मामले में विश्वनाथ मंदिर ट्रस्ट, डीएम, पुलिस आयुक्त, अंजुमन इंतजमिया मसाजिद कमेटी और सेंट्रल सुन्नी वक्फ बोर्ड को पक्षकार बनाया है।


 


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Content Writer

Tamanna Bhardwaj

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