डॉक्टर साहब पेशी पर... कुर्सी पर बैठा ड्राइवर करने लगा मरीजों का इलाज, अस्पताल का VIDEO VIRAL
punjabkesari.in Friday, Sep 18, 2026 - 10:08 PM (IST)
Kanpur News: उत्तर प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल उठाने वाली एक बेहद हैरान कर देने वाली तस्वीर कानपुर से सामने आई है। जहां के एक प्रमुख सरकारी अस्पताल में जब डॉक्टर साहब अपनी सीट से गायब हुए, तो मरीजों का इलाज करने की जिम्मेदारी किसी सीनियर डॉक्टर ने नहीं, बल्कि उनके ड्राइवर ने संभाल ली। ड्राइवर न सिर्फ मरीजों की नब्ज टटोलता दिखा, बल्कि धड़ाधड़ पर्चों पर बाहर की दवाएं भी लिखता नजर आया। इस पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया है।
मिली जानकारी के मुताबिक, पूरा मामला रामादेवी स्थित काशीराम संयुक्त चिकित्सालय एवं ट्रॉमा सेंटर का है। बताया जा रहा है कि अस्पताल के इमरजेंसी मेडिकल ऑफिसर (EMO) डॉ. रामकेश किसी मामले की कोर्ट पेशी के लिए बाहर गए हुए थे। डॉक्टर के जाते ही उनकी कुर्सी पर उनका ड्राइवर देव बैठ गया। उसने बकायदा मरीजों को एक-एक कर अंदर बुलाना शुरू किया। वायरल वीडियो में ड्राइवर मरीजों से पूछता दिख रहा है कि पेट में दर्द है या कोई और तकलीफ? इसके बाद वह पर्चे पर दवाएं लिखता है और मरीजों को साफ कह देता है कि यह दवा अस्पताल से नहीं, बल्कि बाहर के मेडिकल स्टोर से मिलेगी।
मरीजों की जान के साथ खिलवाड़:सरकारी अस्पताल में डॉक्टर का ड्राइवर देख रहा मरीज, बहार से दवाइयां लिखने का वीडियो वायरल#Kanpurhospital #KanshiramTraumaCenter #driverprescribesmedicine pic.twitter.com/bf1qrxxwXi
— Punjab Kesari-UP/UK (@UPkesari) September 17, 2026
बिना किसी डॉक्टरी डिग्री या डॉक्टरी समझ के इस तरह मरीजों को दवा लिखना किसी की जान जोखिम में डालने जैसा है। सरकारी अस्पतालों में आने वाले गरीब मरीज अक्सर डॉक्टरों पर आंख मूंदकर भरोसा करते हैं। ऐसे में अगर किसी अनपढ़ या गैर-चिकित्सकीय व्यक्ति की गलत दवा से किसी मरीज की तबीयत बिगड़ जाती, तो इसका जिम्मेदार कौन होता?
वीडियो वायरल होते ही अस्पताल प्रशासन बचाव की मुद्रा में आ गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए काशीराम अस्पताल के सीएमएस (CMS) डॉ. पीयूष मिश्रा ने जांच के आदेश दिए हैं। डॉ. पीयूष मिश्रा ने बताया कि मामला संज्ञान में आने के बाद जब टीम मौके पर भेजी गई, तो वहां कोई बाहरी व्यक्ति नहीं मिला। संबंधित डॉक्टर से लिखित स्पष्टीकरण मांगा गया है। सीएमएस ने सख्त लहजे में कहा कि जांच रिपोर्ट के आधार पर अगर डॉक्टर की लापरवाही साबित होती है, तो उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी और जरूरत पड़ने पर एफआईआर भी दर्ज कराई जाएगी।

