‘नाबालिग लड़कियों को मोबाइल न दें’…  महिला आयोग की सदस्य के बयान पर छिड़ा विवाद, सोशल मीडिया पर बहस तेज

punjabkesari.in Thursday, Aug 28, 2025 - 09:40 PM (IST)

Baghpat News: उत्तर प्रदेश महिला आयोग की सदस्य मीनाक्षी भराला द्वारा नाबालिग लड़कियों के मोबाइल इस्तेमाल पर प्रतिबंध लगाने की वकालत करने के बाद एक नया विवाद खड़ा हो गया है। उनका कहना है कि 18 साल से कम उम्र की लड़कियों को मोबाइल फोन नहीं दिया जाना चाहिए, क्योंकि इससे उनके व्यवहार और मानसिक स्थिति पर नकारात्मक असर पड़ रहा है। मीनाक्षी भराला यह बयान उस वक्त दे रही थीं जब वे बागपत जिले के खिंदोड़ा गांव में एक लापता नाबालिग लड़की के परिवार से मुलाकात करने पहुंची थीं। उन्होंने बातचीत के दौरान कहा कि मोबाइल फोन के माध्यम से लड़कियां गलत संगति में फंस रही हैं और वीडियो-ऑडियो क्लिप्स के ज़रिए ब्लैकमेलिंग का शिकार बन रही हैं।

"मोबाइल बना नाबालिगों के बिगड़ने का कारण"… मीनाक्षी भराला
महिला आयोग सदस्य ने ऑनर किलिंग जैसे संवेदनशील मुद्दों का भी जिक्र करते हुए कहा कि कई बार लड़कियां परिवार के डर से घर छोड़ने को मजबूर हो रही हैं, और इसमें मोबाइल फोन की भूमिका अहम है। उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि वे अपनी बेटियों को नाबालिग होने तक मोबाइल फोन न दें। उन्होंने कहा, “भाजपा सरकार में बेटियों की सुरक्षा सर्वोपरि है, लेकिन यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि हमें बेटियों को ढूंढने के लिए इतना संघर्ष करना पड़ता है।”

बयान के बाद उठा विरोध, सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस
भराला के इस बयान के बाद कई लोग इसे सराहनीय बताते हुए उनकी चिंता को जायज ठहरा रहे हैं, जबकि अन्य लोग इसे लड़कियों की व्यक्तिगत स्वतंत्रता और डिजिटल शिक्षा के अधिकार पर हमला मान रहे हैं। विशेष रूप से सोशल मीडिया पर इस बयान की कड़ी आलोचना हो रही है। कई लोगों ने पूछा है कि यदि लड़कों को मोबाइल इस्तेमाल की अनुमति है तो लड़कियों पर पाबंदी क्यों? विरोध करने वालों का कहना है कि समस्या मोबाइल में नहीं, बल्कि जागरूकता और डिजिटल सुरक्षा की शिक्षा की कमी में है।

लापता लड़की की तलाश में तेजी का आश्वासन
बयान के अलावा मीनाक्षी भराला ने लापता लड़की के परिजनों को भरोसा दिलाया कि प्रशासन उसकी तलाश में पूरी मुस्तैदी से जुटा है और जल्द उसे खोज लिया जाएगा।


सबसे ज्यादा पढ़े गए

Content Editor

Mamta Yadav

Related News

static