दारोगा जी की नौकरी से मत खेलो, रोना पड़ेगा: 7 जन्मों में कोई मदद नहीं करेगा; कानपुर गैंगरेप पीड़िता के भाई को धमकी….
punjabkesari.in Wednesday, Jan 14, 2026 - 01:15 PM (IST)
Kanpur News: कानपुर के गैंगरेप मामले में मुख्य आरोपी दारोगा अमित मौर्या अब भी पुलिस की पकड़ से बाहर है। पुलिस ने उसकी गिरफ्तारी के लिए 50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया है और कई टीमें भी लगाई गई हैं, फिर भी अभी तक कोई सफलता नहीं मिली है। इस बीच पीड़िता के भाई के मोबाइल पर एक धमकी भरा मैसेज आया है। जिसमें अज्ञात युवक कहा रहा है कि दारोगा जी की नौकरी से मत खेलो नहीं तो बाद में रोना पड़ेगा। सात जन्मों तक तुम्हारी कोई मदद नहीं करेगा। इस केस से नाम वापस ले लो। हालांकि पुलिस इस अज्ञात नम्बर की जांच कर रही है कि आखिर धमकी किसने दी है।
अपराधियों को संरक्षण दे रही सरकार- अजय राय
वहीं उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राज ने आज पीड़ित परिवार से मिलने के लिए कानपुर पहुंचे, लेकिन उनके पहले ही पीड़िता और उसके भाई को पुलिस ने घर से उठा ले गई। इस पर अजय राय ने योगी सरकार पर हमला बोला है। उन्होंने कहा कि सरकार अपराधियों को बचाने का कार्य कर रही है। सच्चाई को छुपाने का प्रयास किया जा रहा है। खानापूर्ति करते हुए 50 हजार का इनाम घोषित किया गया किया गया है। उन्होंने कहा कि आरोपियों के घर पर बुलडोजर की कार्रवाई की जाए और पीड़िता को 50 लाख रुपए का मुआवजा दिए जाने की मांग की है।
चौकी के अंदर का वीडियो आया सामने
वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि पीड़िता अपने भाई के साथ भीमसेन चौकी के अंदर जाती है। उस समय वहां तत्कालीन चौकी प्रभारी दिनेश सिंह, आरोपी दारोगा अमित मौर्या और एक पत्रकार शिवबरन मौजूद थे। वीडियो में पीड़िता जैसे ही पत्रकार शिवबरन को देखती है, वह उसे पहचान लेती है। जब चौकी प्रभारी दूसरे व्यक्ति के बारे में पूछते हैं, तो पीड़िता का भाई शिवबरन की ओर इशारा करता है। इसके बाद शिवबरन पीड़िता के भाई को गालियां देता हुआ नजर आता है। इसी दौरान आरोपी दारोगा अमित मौर्या किसी से वीडियो बनाने के लिए कहता हुआ भी सुनाई देता है।
पीड़िता ने बताया – वारदात में पुलिसकर्मी भी शामिल
वीडियो में पीड़िता रोते हुए कहती है कि गैंगरेप की घटना में एक पुलिसकर्मी भी शामिल था। जब उससे पूछा जाता है कि क्या वह उसे पहचान सकती है, तो वह कहती है कि उसने पुलिस जैसी वर्दी पहन रखी थी। इस दौरान यह भी गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं कि इतनी संवेदनशील पूछताछ के वक्त वहां कोई महिला पुलिसकर्मी मौजूद नहीं थी।
पुलिस के सामने ही धमकी देता रहा आरोपी पत्रकार
वीडियो में साफ दिखाई देता है कि कथित आरोपी पत्रकार शिवबरन चौकी के अंदर ही पीड़िता के भाई को धमकी देता और गालियां देता रहा, लेकिन वहां मौजूद पुलिसकर्मियों ने उसे रोकने की कोई कोशिश नहीं की। इस वीडियो के सामने आने के बाद पुलिस की कार्यप्रणाली पर बड़े सवाल उठने लगे हैं।
पुलिस ने दिया जांच का भरोसा
इस पूरे मामले पर डीसीपी वेस्ट काशी मापड़ी ने कहा है कि वायरल वीडियो उनके संज्ञान में आ गया है और इसकी जांच कराई जा रही है। उन्होंने कहा कि जांच में जिन लोगों की लापरवाही सामने आएगी, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

