मौत से ठीक पहले हर इंसान बोलता है ये 9 शब्द! ICU नर्स ने सुनाए रूह कंपा देने वाले लफ्ज, रोंगटे खड़े कर देगा सच.....

punjabkesari.in Tuesday, Feb 24, 2026 - 05:25 PM (IST)


Viral News : अमेरिका के फ्लोरिडा में ICU में काम करने वाली युवा नर्स किर्स्टी रॉबर्ट्स ने अपनी चार साल की अनुभव की बात साझा करते हुए बताया है कि मरीज अक्सर अपनी आखिरी सांसों से पहले एक तरह का आध्यात्मिक बदलाव अनुभव करते हैं, जिसे कोई भी आधुनिक मशीन या टेस्ट नहीं पकड़ पाता।

मरीजों को पहले से होता है मौत का अहसास
किर्स्टी के अनुसार कई बार मरीजों के मेडिकल पैरामीटर्स- जैसे हार्ट रेट और ब्लड प्रेशर सामान्य रहते हैं और डॉक्टर भी उन्हें सुरक्षित मानते हैं, लेकिन वे खुद अपनी मौत की सटीक भविष्यवाणी कर देते हैं। नर्स ने कहा, “मरते हुए व्यक्ति को अपने अंत का पूर्वाभास होता है। वे अक्सर शांति और स्पष्टता के साथ कहते हैं, ‘मुझे पता है कि मैं अब जाने वाला हूं।’ इसके बाद वे अपने परिवार के लिए प्यार भरा संदेश देते हैं और कुछ ही देर में उनका शरीर छोड़ देता है।”

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अंतिम शब्दों में परिवार के प्रति प्यार
किर्स्टी ने बताया कि मरीज अक्सर अपने परिवार के लिए अंतिम संदेश देते हैं। उन्होंने कहा, “हर मरीज जो अपनी जीवन यात्रा पूरी करके जा रहा होता है, वही अक्सर यही नौ शब्द कहता है- ‘क्या आप मेरे परिवार से कह सकते हैं कि मैं उन्हें प्यार करता हूं?’।”

आध्यात्मिक बदलाव के संकेत
इसके अलावा मरीज कभी-कभी कहते हैं, “मुझे अच्छा महसूस नहीं हो रहा” या “मुझे पता है मैं मरने वाला हूं।” इन संकेतों के बावजूद उनके जीवन के अन्य पैरामीटर्स सामान्य रहते हैं। किर्स्टी ने कहा, “यह एक आध्यात्मिक बदलाव है, जिसे वैज्ञानिक दृष्टिकोण से समझाना कठिन है।”

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नर्स के अनुभव और सहकर्मियों की प्रतिक्रिया
किर्स्टी ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा, “इन अंतिम पलों को देखना आसान नहीं है। हम मरीजों और उनके परिवारों के साथ घनिष्ठ संबंध बनाते हैं। समय के साथ आप स्वीकार करना सीख जाते हैं कि यह हमारे काम का हिस्सा है। जीवन आध्यात्मिक है और प्यार, कृतज्ञता और दूसरों के लिए अच्छा करने की भावना सबसे महत्वपूर्ण है।”

कई स्वास्थ्यकर्मियों ने किर्स्टी के अनुभव की पुष्टि की। एक पूर्व हॉस्पिस नर्स ने कहा, “वे सही कहती हैं। मरीज हमेशा जानते हैं।” वहीं सोशल मीडिया पर अन्य लोग भी अपनी समान कहानियां साझा कर रहे हैं, जिसमें उन्होंने अपने प्रियजनों के अंतिम समय में इसी तरह के संकेत महसूस किए। किर्स्टी का यह अनुभव इस बात की याद दिलाता है कि जीवन के अंतिम क्षण केवल चिकित्सा दृष्टिकोण से नहीं, बल्कि आध्यात्मिक और भावनात्मक दृष्टिकोण से भी महत्वपूर्ण होते हैं।


 


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Content Editor

Purnima Singh

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