UP के जिला अस्पताल की घोर लापरवाही, इमरजेंसी में मिले एक्सपायरी इंजेक्शन, हार्ट पेशेंट को लगा..... चीफ फार्मासिस्ट समेत 3 को नोटिस
punjabkesari.in Saturday, Jan 10, 2026 - 01:29 PM (IST)
इटावा (अरवीन ) : सरकारी अस्पतालों में बेहतर इलाज और सुरक्षित स्वास्थ्य सेवाओं के दावों के बीच एक बार फिर गंभीर लापरवाही का मामला सामने आया है। जनपद के डॉ. भीमराव अंबेडकर संयुक्त जिला चिकित्सालय की इमरजेंसी में ऐसे इंजेक्शन पाए गए, जिनकी एक्सपायरी डेट पहले ही समाप्त हो चुकी थी। ये वही इंजेक्शन थे, जिनका उपयोग हृदय रोग, सांस रुकने या पल्स रेट गिरने जैसी जानलेवा आपात स्थितियों में किया जाता है। मामला उजागर होते ही अस्पताल प्रशासन में हड़कंप मच गया और स्वास्थ्य व्यवस्था की निगरानी पर सवाल खड़े हो गए।
कैसे उजागर हुआ मामला
यह गंभीर चूक शुक्रवार को उस समय सामने आई, जब इमरजेंसी में एक वृद्ध महिला को अत्यंत नाजुक हालत में भर्ती कराया गया। ड्यूटी पर मौजूद डॉक्टर ने तुरंत जीवनरक्षक इंजेक्शन लगाने का निर्देश दिया। जैसे ही कंपाउंडर ने दवा उठाई, उस पर अंकित एक्सपायरी डेट समाप्त पाई गई। मौके पर मौजूद मीडिया कर्मियों ने जब इस पूरे घटनाक्रम को कैमरे में कैद किया, तो इमरजेंसी स्टाफ के बीच अफरा-तफरी मच गई। देखते ही देखते मामले ने तूल पकड़ लिया।ट
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स्टाफ ने तुरंत एक्सपायर दवाओं को हटाया
जांच के दौरान इमरजेंसी में एट्रोपिन (ATROPINE) और एड्रोप्रो (ADROPRO) जैसे महत्वपूर्ण इंजेक्शन एक्सपायर हालत में मिले। ये दवाएं आमतौर पर हार्ट अटैक, ब्रैडीकार्डिया और गंभीर आपात स्थितियों में मरीज की जान बचाने के लिए दी जाती हैं। पोल खुलते ही स्टाफ आनन-फानन में एक्सपायर दवाओं को हटाने और स्टॉक को इधर-उधर करने में जुट गया। हैरानी की बात यह रही कि मौजूद कर्मचारियों और डॉक्टरों ने इस गंभीर लापरवाही पर कोई ठोस जवाब नहीं दिया।
सही दवाएं मौजूद फिर भी एक्सपायर स्टॉक रखा गया
मामले पर संज्ञान लेते हुए अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. परितोष शुक्ला ने जांच के आदेश दिए हैं। उन्होंने बताया कि अस्पताल में नई तारीख की दवाएं पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं, इसके बावजूद इमरजेंसी में एक्सपायर स्टॉक का होना गंभीर लापरवाही है। सीएमएस ने तत्काल चीफ फार्मासिस्ट को भेजकर सभी एक्सपायर इंजेक्शन हटवाए और संबंधित कर्मचारियों को नोटिस जारी करने की बात कही।

