गोंडा में बर्तन व्यापारी हत्याकांड का फरार आरोपी गिरफ्तार, 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा गया
punjabkesari.in Sunday, Sep 13, 2026 - 04:00 PM (IST)
बाराबंकी: उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले में नौ सितंबर को हुए बर्तन व्यापारी विनोद कुमार साहनी हत्याकांड में फरार आरोपी वरुण सिंह उर्फ अंशू को शनिवार की देर शाम गिरफ्तार कर लिया गया। एक अधिकारी ने यह जानकारी दी। अधिकारी ने बताया कि उसे अदालत ने 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया। परसपुर के थानाध्यक्ष कृष्ण गोपाल राय ने बताया कि आरोपी को गिरफ्तार करने के बाद थाने में उससे पूछताछ की गई तथा मेडिकल कॉलेज में उसका चिकित्सकीय परीक्षण कराकर अदालत में पेश किया गया।
उन्होंने बताया कि पूछताछ में आरोपी ने पुलिस को बताया कि सोशल मीडिया पर बहन-बेटियों को लेकर साहनी के कथित विवादित पोस्ट को लेकर दोनों के बीच विवाद हुआ था। पुलिस के मुताबिक आरोपी का कहना था कि साहनी को ऐसे पोस्ट नहीं करने के लिए कई बार समझाया गया था, लेकिन वह नहीं माने। इससे पहले उत्तर प्रदेश के गोंडा में बर्तन व्यापारी साहनी की हत्या के बाद बढ़ते आक्रोश के बीच कांग्रेस, समाजवादी पार्टी (सपा), निषाद पार्टी और अन्य संगठन पीड़ित परिवार से संपर्क करने में जुटे थे। शनिवार को कांग्रेस की उत्तर प्रदेश इकाई के अध्यक्ष अजय राय को पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ उस समय पुलिस ने हिरासत में ले लिया, जब वह गोंडा में साहनी के परिवार से मिलने जा रहे थे।
पुलिस ने शाहपुर टोल प्लाजा के पास राय के काफिले को रोक लिया और बहस के बाद उन्हें मसौली थाने ले गई। राय के साथ 60 से अधिक कांग्रेस कार्यकर्ता थे। कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष ने थाने में धरना दिया और कार्रवाई पर सवाल उठाए। राय ने कहा कि वह किसी राजनीतिक कार्यक्रम में शामिल होने नहीं, बल्कि पीड़ित परिवार से मिलने जा रहे थे। हालांकि करीब 90 मिनट बाद पुलिस अधिकारियों द्वारा आरोपियों के खिलाफ पांच दिन के भीतर कार्रवाई का आश्वासन दिए जाने पर राय वहां से लौट गए। कांग्रेस नेताओं ने इस पुलिस कार्रवाई को लेकर सवाल उठाया कि जब अन्य राजनेता परिवार से मिल चुके हैं तो राय को क्यों रोका गया।
पूर्व मंत्री और सपा नेता योगेश प्रताप सिंह ने मंत्री संजय निषाद की टिप्पणी पर सरकार की आलोचना की। निषाद ने कहा था कि सिंह कैसे साहनी के घर पहुंच गये। सिंह ने कहा कि अपने क्षेत्र में किसी पीड़ित परिवार से मिलने के लिए उन्हें किसी की अनुमति की आवश्यकता नहीं है। सिंह ने निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) मार्क्सवादी लेनिनवादी (माले) की एक टीम ने भी साहनी के गांव का दौरा किया। पार्टी ने आरोप लगाया कि हत्या ''सामंती दबदबे, जातीय वर्चस्व और राजनीतिक संरक्षण'' से जुड़ी है। उसने इसमें शामिल लोगों व उनके कथित संरक्षकों की भूमिका की जांच की मांग की।
सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने विनोद साहनी के बेटे राजा साहनी से फोन पर बात कर हर संभव मदद का भरोसा दिया। सपा नेता एवं अभिनेत्री काजल निषाद और कांग्रेस नेता त्रिलोकी नाथ तिवारी ने भी परिवार से मुलाकात की। निषाद पार्टी अध्यक्ष संजय निषाद ने शुक्रवार को गोंडा में विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व किया। उन्होंने आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई, मौत की सजा, उनके घर गिराने, पांच करोड़ रुपये मुआवजे, परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी और सुरक्षा की मांग की। हत्या को लेकर साहनी की राजनीतिक संबद्धता पर भी विवाद है। सपा ने उन्हें अपना कार्यकर्ता बताया जबकि निषाद पार्टी ने उन्हें अपना प्रचारक बताया। हालांकि, साहनी के करीबी लोगों के अनुसार वह वीआईपी से जुड़े थे।
पुलिस के अनुसार, नौ सितंबर को सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर विवाद के बाद कुछ लोगों ने 45 वर्षीय साहनी पर हमला किया था। उन्हें इलाज के लिए लखनऊ स्थित किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (केजीएमयू) ले जाया गया, जहां अगले दिन उनकी मौत हो गई। पुलिस ने हत्या के मामले में शुभम सिंह उर्फ गोलू, सुभाष सिंह और आकाश सिंह को गिरफ्तार किया है। शनिवार शाम फरार आरोपी वरुण सिंह उर्फ अंशू को गिरफ्तार कर लिया गया।
राय के मुताबिक, आरोपी ने बताया कि घटना वाले दिन साहनी रास्ते से जा रहे थे, तभी उन्हें रोक लिया गया। विवाद के दौरान गाली-गलौज हुई और आरोपियों ने डंडे से साहनी के सिर पर हमला कर दिया, जिससे उनकी मौत हो गई। थानाध्यक्ष ने बताया कि मामले में अब तक चार आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। एक नामजद और कुछ अज्ञात आरोपी अभी फरार हैं। उनकी पहचान और गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमें लगाई गई हैं। उन्होंने कहा कि मृत व्यक्ति के परिवार की सुरक्षा के लिए घर पर पुलिस बल तैनात किया गया है और पुलिस उनकी सुरक्षा की लगातार निगरानी कर रही है। इस बीच, मामले में कथित लापरवाही के आरोप में पारसपुर थाना प्रभारी समेत तीन पुलिसकर्मियों को निलंबित किया गया है। पीड़ित परिवार और ग्रामीणों ने पहले शाहपुर चौराहे पर शव रखकर प्रदर्शन किया था। प्रशासन से आश्वासन के बाद शुक्रवार को कमियार घाट पर साहनी का अंतिम संस्कार किया गया।

