युवक की मौत से भी ज्यादा दर्दनाक उसका सुसाइड नोट, इस 11 मिनट 17 सेकंड का वीडियो देख कांपेगी रूह

punjabkesari.in Friday, May 29, 2020 - 02:15 PM (IST)

रामपुुरः कोरोना वायरस कोविड-19 के चलते देशभर में हुए लॉकडाउन का असर लोगों की मानसिक स्थिति पर पड़ा है। इसी कड़ी में उत्तर प्रदेश के रामपुर में एक युवक ने फांसी का फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। आत्महत्या करने से पहले इस युवक ने एक सुसाइड नोट लिखा जिसमे उत्पीड़न के गंभीर आरोप लगाए और साथ ही बार-बार अधिकारियों से मदद मांगने की बात कहते हुए निराशा जताई। उसको लगता था कि अधिकारी किसी दबाव में उसकी गुहार नहीं सुन रहे। इसलिए उसने बीजेपी से भी मोह भंग होने की बात अपने सुसाइड नोट में लिखी है। 

जानिए क्या है मामला?
रामपुर के कृष्णा विहार कॉलोनी में मेडिकल स्टोर चलाने वाला युवक सुभाष सक्सैना फांसी के फंदा गले मे डालकर झूल गया और अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली। जितनी दर्दनाक 26 वर्षीय इस युवक की मौत की घटना है, उस से कहीं ज़यादा दर्दनाक उसके द्वारा लिखे गए सुसाइड नोट और मरने से पहले बनाए गए 11 मिनट 17 सेकंड के वीडियो में उठाए गए सवाल हैं, जो किसी को भी झकझोर कर रखने के लिए काफी है। सुभाष सक्सेना पिछले कुछ समय से मानसिक रूप से बेहद परेशान था ऐसे में लॉकडाउन में उसकी परेशानियां और बढ़ गई, जिसके चलते उसे ये कदम उठाना पढ़ा। उसने अपने को चैनर गेट में बंद किए जाने का आरोप लगाया और साथ ही अपनी माता और मामा द्वारा भूत प्रेत की बात कहकर उसकी सुनवाई न करने का आरोप लगाते हुए मजबूरन आत्महत्या करने का निर्णय लेने की बात कही।

मुझे हद से ज्यादा टॉर्चर किया गया-मृतक युवक 
आत्महत्या से पहले सुभाष ने एक वीडियो बनाकर वायरल किया वीडियो में उसने कहा कि मेरा नाम सुभाष सक्सेना है, मैं कृष्णा विहार कॉलोनी में रहता हूं मेरी आर्थिक दशा तो आप लोग देख रहे हैं कि क्या हाल कर दिया है टॉर्चर करते करते, पैर से भी नहीं चला जा रहा है मुझे टॉर्चर बहुत किया है हद से ज्यादा और एक दर्द की गोली तक नहीं दी गई यह कहां का न्याय है। 

'9 दिन से मैंने पानी का एक घूंट नहीं पिया'
उसने कहा कि मैंने डीएम साहब को 5 बार फोन किया। उन्होंने मना कर दिया कि हमारे पास गोली नहीं है, इस स्थिति में ध्यान में रखते हुए मेरे मामा और मम्मी मेरा फोन नहीं उठा रहे हैं। पता नहीं क्या कारण है, लेकिन उन्होंने मुझे मानसिक रूप से परेशान कर दिया है अतः मेरी आखिरी सांसे चल पा रही हैं मैं बहुत घबराया हुआ हूं 9 दिन से मैंने पानी का एक घूंट नहीं पिया है और ना ही खाना खाया है, लॉकडाउन का जिक्र करते हुए उसने कहा मेरी दयनीय स्थिति को लॉकडाउन के अंतर्गत देखिए। आगे बोलते हुए उसने कहा मेरी गलती क्या है मैं घर से निकला था गली के मोड़ पर कुछ लोग बिना मास्क लगाए सिगरेट पी रहे थे, मैंने सबसे मास्क लगाने को कहा और सामूहिक स्थान पर सिगरेट पीने से मना किया इसी से नाराज होकर उन्होंने अगले दिन मुझे धक्का देकर नाली में गिरा दिया जिससे मैं काफी चोटिल हूं आपको दिख रहा है।

मृतक ने वीडियो में साइक्लोजेस्ट पेशेंट होने का किया दावा
वीडियो में उसने कहा अपनी मर्जी से तो नहीं लेकिन हालातों को और अपनी स्थिति को देखते हुए और आने वाले हालातों को देखते हुए मैंने यह कदम उठाया है कि मैं जीवित ही ना रहूं अगर मैं जीवित ही नहीं होऊंगा तो इस प्रकार तो नहीं होगा। संतोष ने कहा मैं एक साइक्लोजेस्ट पेशेंट भी हूं, इसका इलाज देशांतर गोयल मुरादाबाद आनंद विहार से चल रहा है। उन्होंने मुझे जरा सा भी डिस्टर्ब करने से मना किया है और फिर भी लोगों ने इतना टॉर्चर किया कि मेरी आंखें तक नहीं खुल पा रही हैं और अगर मैं बैठता हूं तो मुझे दिखाई देना बिल्कुल बंद हो जाता है।

मरने से पहले सीएम योगी से मांगी मदद
उसने इस पूरे मामले में शामिल लोगों के नाम लेकर बताया सबसे पहला नाम विजय सागर राहुल दिनेश सक्सेना अक्कू डोली संजय अजय विजय आदि लोगों ने मुझे नाली मे घुसेड़ कर मारा है। अपने बचाव के लिए लोगों ने स्कूटी पर नया पेंट भी करवा दिया है। मैं बोलने में असमर्थ हूं मेरे गले से आवाज नहीं निकल पा रही है और मैं सांस भी ठीक से नहीं ले पा रहा हूं। अतः मेरी जिलाधिकारी महोदय से इन सब पर कड़ी कार्रवाई की जाए और अगर जिलाधिकारी इन पर कोई कार्रवाई नहीं कर सकते हैं तो मेरा माननीय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी से विनम्र निवेदन है कि वह इस घटना को सावधानीपूर्वक देखें और जो भी दोषी हो उन्हें सजा देने की कृपा करें।

आगे बोलते हो उसने कहा मैं विजय सागर पर कड़ी से कड़ी प्रशासनिक कार्रवाई करने का आग्रह करता हूं और दिनेश सक्सेना घर के सामने ही रहते हैं इन्होंने मेरा साथ बहुत ही दुराचार किया है बहुत ही ज्यादा इन्होंने दुराचार किया है इन्होंने हर संभव प्रयास किया है मुझे जान से मारने की कोशिश भी की है अतः मैं आप लोगों से अपनी गलतियों की शमा मांगता हूं और और इस वीडियो को यहीं बंद करता हूं क्योंकि मुझ में बोलने तक हिम्मत नहीं है, उसने कहा मेरा यह सुसाइड नोट ध्यानपूर्वक सरकार तक पहुंचाने की कृपा करें क्योंकि डीएम साहब ने अभी तक कोई भी कदम नहीं उठाया है मैं बेबस हूं इसलिए यह वीडियो बना रहा हूं मैंने रात भी चार बार डीएम साहब को कॉल किया डीएम साहब कहते हैं मैं कैसे दूं परमिशन डॉक्टर साहब कहते हैं की डीएम की परमिशन लाओ परमिशन से ही आपको दवाई मिलेगी तो मैं इस स्थिति में क्या करूं आप खुद ही बताइए।

सीएम योगी और पीएम मोदी से लगाई इंसाफ की गुहार
इस पूरे मामले में सुभाष के मामा दिनेश सक्सेना ने मीडिया से बात करते हुए इस बात पर ज्यादा जोर दिया की सुभाष मानसिक विक्षिप्त था वहीँ उन्होंने किसी पर भी कोई कार्यवाही न करने की गुहार लगाई है ऐसा इसलिए भी है क्योँकी कहीं न कही वो खुद सवालों के घेरे में घिरें हुए हैं। ऐसा करके वो न केवल खुद को बल्कि उन अधिकारीयों को भी बचा रहे हैं जिन्होंने सुभाष की एक ना सुनी और हर गुहार को अनदेखा कर दिया। वहीँ ऐसा करने से वो लोग भी बच जाएंगे जिनकी वजह से सुभाष को मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना सहन करनी पड़ी। शायद सुभाष को अपने घर वालों से पहले ही इस बात का अंदेशा था इसलिए उसने सोशल मीडिया को माध्यम बनाकर विडियो अपलोड किया जिसमें उसने अपने साथ हुई पूरी कहानी बयां की है, साथ ही दोषियों को सजा दिलाने की मांग करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी और प्रधानमंत्री मोदी से इन्साफ की गुहार लगायी है।


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Tamanna Bhardwaj

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