बड़ा दर्दनाक हादसा: 77 साल में सबसे भीषण आग, 128 की मौत... सैंकड़ों लापता, 32 मंजिला 8 टावर जलकर राख, अग्निकांड से दहले 4600 लोग
punjabkesari.in Saturday, Nov 29, 2025 - 05:26 PM (IST)
UP Desk : हॉन्ग कॉन्ग में बुधवार को लगी भीषण आग ने तबाही मचा दी। ताई पो स्थित वांग फुक कोर्ट आवासीय परिसर में लगी इस आग में अब तक 128 लोगों की मौत हो चुकी है। यह हादसा पिछले 77 वर्षों में हॉन्ग कॉन्ग की सबसे भयावह आग की घटना बन गया है। इससे पहले 1948 में गोदाम में लगी आग में 176 लोगों की जान गई थी।
32 मंजिला आठ इमारतें आग की चपेट में
आग इतनी तेजी से फैली कि बांस की मचान से घिरी 32 मंजिला ऊंचाई वाली आठ इमारतें कुछ ही मिनटों में जलने लगीं। कई शव मलबे से मिल रहे हैं, जिससे मृतकों का आंकड़ा बढ़ता जा रहा है। आपातकालीन टीमें शुक्रवार को भी अपार्टमेंट्स के दरवाजे तोड़कर अंदर फंसे लोगों को ढूंढने की कोशिश कर रही थीं। अब भी 25 कॉल्स ऐसे हैं जिनका कोई जवाब नहीं मिला है।
तीन अधिकारियों की गिरफ्तारी
हॉन्ग कॉन्ग पुलिस ने रेनोवेशन कार्य कर रही प्रेस्टीज कंस्ट्रक्शन कंपनी के 3 वरिष्ठ अधिकारी, 2 निदेशक और एक इंजीनियरिंग सलाहकार को गैर-इरादतन हत्या (Manslaughter) के आरोप में गिरफ्तार किया है।
पुलिस ने क्या पाया?
पुलिस के अनुसार खिड़कियों को ब्लॉक करने वाले ज्वलनशील फोम बोर्ड, बाहरी दीवारों पर लगाई गई ज्वलनशील सामग्री, और बांस की मचान ने आग को चंद मिनटों में ऊपर की मंजिलों तक पहुंचा दिया। पुलिस अधीक्षक एलीन चुंग ने कहा, "हमें विश्वास है कि रेनोवेशन में शामिल निर्णय लेने वालों ने बेहद गंभीर लापरवाही की है।" कंपनी के ऑफिस से डॉक्यूमेंट्स, कंप्यूटर और फोन जब्त कर लिए गए हैं।
अपनों की तलाश में भटकर रहे परिजन
एक सामुदायिक केंद्र पर परिवारों को जली इमारतों की अंदरूनी तस्वीरें दिखाकर शव की पहचान कराई जा रही है। मिर्रा वोंग, जो अपने पिता को ढूंढ रही हैं, बोलीं, "मुझे डर है कि अब वे नहीं रहे।" एक अन्य निवासी ने कहा, "अब कोई उम्मीद नहीं बची, लेकिन शव मिलना जरूरी है।"

