खैर की लकड़ी कांड में बड़ा एक्शन! फॉरेस्टर समेत 3 वनकर्मी सस्पेंड, विभाग में मचा हड़कंप; 15 सदस्यीय जांच टीम गठित

punjabkesari.in Saturday, Jul 11, 2026 - 12:50 PM (IST)

लखीमपुर खीरी : उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी जिले के दक्षिण खीरी वन प्रभाग की महेशपुर रेंज में एक हफ्ते पहले गोला-सिकंदराबाद मार्ग पर खैर की लकड़ी से लदे एक ट्रक के बरामद होने के मामले में वन विभाग के फारेस्टर समेत तीन कर्मचारियों को निलंबित कर दिया गया। अधिकारियों ने शनिवार को यह जानकारी दी। दुधवा टाइगर रिजर्व (डीटीआर) के क्षेत्रीय निदेशक और वन निगम के क्षेत्रीय प्रबंधक डॉ. एच. राजमोहन ने बताया कि शुक्रवार को निलंबित किए गए कर्मचारियों में एक फॉरेस्टर, एक वन रक्षक और एक लॉगिंग असिस्टेंट शामिल हैं। 

राजमोहन ने बताया कि खैर की लकड़ी को दुधवा बफर जोन की धौरहरा रेंज से काटकर उप्र वन निगम द्वारा एक डिपो भेजा जाना था। लेकिन यह लकड़ी तय डिपो तक पहुंचने के बजाय दक्षिण खीरी वन प्रभाग की महेशपुर रेंज में बरामद हुई। उन्होंने कहा कि मामले की प्रारंभिक जांच में पता चला कि ट्रांजिट परमिट जारी करने में इन तीनों अधिकारियों ने लापरवाही बरती थी। इसी आधार पर तीनों को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है। दुधवा बफर जोन की उप निदेशक कीर्ति चौधरी ने बताया कि बरामद लकड़ी का मिलान ट्रांजिट परमिट में दर्ज विवरण से करने और यह पता लगाने के लिए कि लकड़ी कहां से काटी और एकत्र की गई थी, एसडीओ मनोज तिवारी की अध्यक्षता में 15 सदस्यीय जांच टीम बनाई गई है। 

उन्होंने बताया कि वन निगम को खैर की लकड़ी के आवंटित लॉट को काटकर लखीमपुर शहर स्थित तय डिपो तक ले जाने की अनुमति थी। यह लकड़ी महेशपुर रेंज तक कैसे पहुंची, इसकी जांच की जा रही है। कीर्ति चौधरी ने शुक्रवार को स्वयं महेशपुर रेंज का दौरा कर बरामद लकड़ी के लट्ठों का ट्रांजिट दस्तावेजों से मिलान किया। राजमोहन ने कहा कि लकड़ी बरामदगी की आगे की जांच जारी है और खैर की लकड़ी के अवैध परिवहन में शामिल सभी लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। 


 


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Content Editor

Purnima Singh

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