केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने किया IAS अधिकारी सोनल गोयल की पुस्तक ‘नेशन कॉलिंग’ का विमोचन
punjabkesari.in Thursday, Sep 21, 2023 - 04:57 PM (IST)

यूपी डेस्क: नई दिल्ली के कॉस्टिट्यूशन क्लब में आयोजित एक समारोह में त्रिपुरा के रेज़िडेंट कमिश्नर के रूप में तैनात 2008 बैच की आईएएस अधिकारी सोनल गोयल की पहली पुस्तक ‘नेशन कॉलिंग: होलिस्टिक अप्रोच टू यूपीएससी सिविल सर्विसेज़ एक्ज़ामिनेशन’ का केंद्रीय पृथ्वी विज्ञान मंत्री किरेन रिजिजू के हाथों विमोचन हुआ।
इस अवसर पर सम्मानित अतिथि के तौर पर जमिया मिल्लिया इस्लामिया की कुलपति प्रोफेसर नजमा अख़्तर; भारी उद्योग मंत्रालय में संयुक्त सचिव, डॉo हनीफ़ क़ुरैशी; कस्टम्स, सेंट्रल एक्साइज़ एंड सर्विस टैक्स सेटलमेंट कमीशन के चेयरमैन संदीप कुमार एवं द स्मगलर्स एंड फ़ॉरेन एक्सचेंज मैनिपुलेटर्स एक्ट के अंतर्गत ऐपेलेट ट्रिब्यूनल के सदस्य बालेश कुमार आदि उपस्थित रहे।
कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए मुख्य अतिथि केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि, “नेशन कॉलिंग पुस्तक केवल यूपीएससी एस्पिरेंट्स के लिए ही नहीं, बल्कि हर उस युवा के लिए उपयोगी है जो अपने जीवन आगे बढ़ते हुए नई ऊंचाइयों को छूना चाहता है। पुस्तक में साझा की गई इंसाइट्स महत्वाकांक्षी लक्ष्यों वाले सभी व्यक्तियों के लिए मूल्यवान हैं। प्रत्येक महत्वाकांक्षी युवा को इस पुस्तक को अवश्य पढ़ना चाहिए।”
कार्यक्रम की सम्मानित अतिथि, जामिया मिल्लिया इस्लामिया की कुलपति प्रोo नजमा अख़्तर ने अपने सम्बोधन में कहा कि “सोनल लाखों युवाओं के लिए एक प्रेरणा हैं। उनकी किताब ‘नेशन कॉलिंग’ एक बेहतरीन और कॉमप्रिहेंसिव गाइड है, जो पाठकों को सक्षम एवं सशक्त बनाने और उन्हें यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा में सफ़ल होने के लिए आवश्यक जानकारी, रणनीतियों और मानसिकता से लैस करने में मददगार साबित होगी।” अपने लेखकीय संबोधन में सोनल गोयल, आईएएस ने एक प्रशासनिक अधिकारी के रूप में अपनी 15 साल लम्बी यात्रा के कुछ किस्से साझा किए। उन्होंने बताया कि किस तरह उन्होंने देश की सेवा करने की अपनी इनर कॉलिंग की सुनकर अपने जमे-जमाए कॉरपोरेट करियर को पीछे छोड़कर सिविल सेवा में जाने का फ़ैसला लिया। यही कारण है कि उन्होंने इस पुस्तक का नाम ‘नेशन कॉलिंग’ रखा है।
कार्यक्रम में कई सरकारी अधिकारी, शिक्षाविद्, पत्रकारों समेत बड़ी संख्या में छात्र विशेषकर सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी कर रहे युवा शामिल हुए। समापन के बाद सोनल गोयल किताबों पर हस्ताक्षर करतीं नज़र आयीं।