AIMIM छोड़ गुड्डू जमाली की बसपा में घर वापसी: मायावती बोलीं- BJP को सत्ता मिलने के लिये मुस्लिम जिम्मेदार

punjabkesari.in Sunday, Mar 27, 2022 - 07:37 PM (IST)

लखनऊ: उत्तर प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सरकार बनने के लिये मुसलमानो को कसूरवार बताते हुये बहुजन समाज पार्टी (बसपा) सुप्रीमो मायावती ने कहा कि विधानसभा चुनाव के परिणामों से साफ हो चुका है कि समाजवादी पार्टी (सपा) के पास न तो उत्तर प्रदेश में सरकार बनाने की और न ही भाजपा को सत्ता में आने से रोकने की काबलियत है। भाजपा का सत्ता से बेदखल करने की कुव्वत सिर्फ बसपा के पास है।       

आज़मगढ़ लोकसभा उपचुनाव में शाह आलम उफर् गुड्डू जमाली को बसपा का प्रत्याशी घोषित करते हुये मायावती ने रविवार को यहां प्रदेश कार्यालय में आयोजित बैठक में कहा कि चुनाव नतीजों से साफ हुआ कि इस चुनाव में जब बसपा से जुड़ा मुस्लिम समाज का वोट एकतरफा सपा में जाते दिखा जबकि हिन्दू समाज ने भाजपा सरकार की नीतियों व कार्यशैली से दु:खी होते हुये भी यह सोचकर अपना अधिकांश: वोट भाजपा को दे दिया कि कहीं यहाँ फिर से सपा का गुण्डा, माफिया, आतंकी, हल्ला बोल व भ्रष्ट राज आदि वापिस ना आ जाये। इससे सपा तो सत्ता में नहीं आ सकी बल्कि भाजपा सत्ता में जरूर वापिस आ गई। इसका काफी जबरदस्त राजनैतिक नुकसान बसपा को हुआ है जिसके लिए सपा व अधिकांश: मुस्लिम समाज पूरे तौर से जिम्मेवार व कसूरवार भी है।      

उन्होंने कहा कि मुस्लिम समाज का एकतरफा वोट लेकर तथा दर्जन भर संगठनों एवं पाटिर्यों से गठबन्धन करके चुनाव लड़ने के बावजूद भी सपा सत्ता में आने से काफी दूर रह गई है। ऐसे में अब सपा कभी भी आगे यहाँ सत्ता में वापिस नहीं आ सकती है तथा ना ही यह पार्टी बीजेपी को सत्ता में आने से रोक सकती है। मायावती ने कहा कि हमेशा की तरह मुस्लिम समाज के लोग सपा को वोट देकर काफी ज्यादा पछता रहे हैं और इनकी इसी कमजोरी का सपा यहाँ यूपी में बार-बार फायदा भी उठा रही है जिसे रोकने के लिए अब हमें इन भटके व दिशाहीन हुये लोगों से कतई भी मुँह नहीं मोड़ना है बल्कि इनको सपा के शिकंजे से बाहर निकाल कर अपनी पार्टी में पुन: वापिस लाने का भी पूरा-पूरा प्रयास करना है। अन्य सभी हिन्दू समाज को भी अब फिर से बसपा में 2007 की तरह ही कैडर के जरिये जोड़ना है। बसपा अध्यक्ष ने कहा ‘‘ दलितों में भी मेरी जाति को छोड़कर जो अन्य दलित समाज की जातियों के लोग हैं उन्हें भी इन पाटिर्यों के हिन्दुत्व से बाहर निकाल कर बसपा में जोड़ना है।''       

बसपा अध्यक्ष ने कहा ‘‘भाजपा ने इस चुनाव में एक सोची-समझी रणनीति व साजिश के तहत दुष्प्रचार करवाया है कि यूपी मे बसपा की सरकार नहीं बनने पर हम आपकी बहनजी को देश का राष्ट्रपति बनवा देंगे। इसीलिए आपको बीजेपी को सत्ता में आने देना चाहिये, जबकि मेरे लिए देश का राष्ट्रपति बनना तो बहुत दूर की बात है बल्कि इस बारे में मैं सपने तक में भी ऐसा कुछ सोच भी नहीं सकती हूँ। इनको यह भी मालूम है कि बहुत पहले ही कांशीराम जी ने इनका यह प्रस्ताव ठुकरा दिया था और मैं तो उनके पदचिन्हों पर चलने वाली उनकी मजबूत शिष्या हूँ। ''       

मायावती ने कहा कि जब-जब भी यूपी के मुस्लिम समाज ने सपा को एकतरफा वोट दिया है तथा जोड़- तोड़ के आधार पर जब भी सपा सत्ता में आई है तब-तब यहाँ बीजेपी और भी ज्यादा मजबूत बनकर उभरी है, लेकिन बसपा जब यहाँ चुनाव में मजबूत होकर उभरी है तथा चार बार सरकार बनाई है तब-तब यहाँ बीजेपी काफी कमजोर हुई है तथा सत्ता से भी बाहर हुई है और यह सब होते हुये यहाँ मुस्लिम समाज ने भी देखा है। अब आगे इनको ऐसी कोई गलती नहीं करनी चाहिये जिससे बीजेपी को और भी ज्यादा मजबूती मिले।      

उन्होंने पार्टी कैडरों से कहा कि प्रदेश में बसपा को फिर से सत्ता में लाने के लिए यहाँ कदम-कदम पर सभी जातिवादी, पूँजीवादी व सामन्तवादी ताकतों से काफी कड़ा संघर्ष व सामना करना होगा और इसके लिए उन्होने फिर से अपनी कमर कस ली है। लोगों के हताश व निराश होने से यहाँ अपनी पाटर्ी का मूवमेन्ट व जनाधार आगे नही बढ़ सकता है तथा ना ही हमारी पार्टी यहाँ आगे सत्ता में भी आ सकती है बल्कि इसके लिए आप लोगों को अपने पूरे हिम्मत व हौसले से तथा पूरी जि़द्द के साथ ही अपनी पाटर्ी की मूवमेन्ट को तथा जनाधार को भी आगे बढ़ाना है।       

बसपा सुप्रीमो ने कहा कि सपा ने लगभग एक दर्जन छोटे-मोटे संगठनों व पाटिर्यों आदि से गठबन्धन करके यह चुनाव लड़ा है, लेकिन इसके बावजूद भी सपा सत्ता में आने से काफी दूर रह गई है। ऐसे में अब सपा कभी भी आगे यहाँ सत्ता में वापिस नहीं आ सकती है तथा ना ही यह पार्टी बीजेपी को सत्ता में आने से रोक सकती है। सच्चाई तो यह है कि यू.पी. में सपा नहीं बल्कि बी.एस.पी. ही एकमात्र ऐसी पाटर्ी है जो बीजेपी को सत्ता में आने से जरूर रोक सकती है जिसका बेस वोट व खासकर मेरी खुद की जाति का दलित वोट ऐसे हालातों में भी बिल्कुल नहीं भटका है तथा ना ही गुमराह हुआ है।
 


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Content Writer

Mamta Yadav

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