हरदोई में भगवान परशुराम मूर्ति स्थापना समारोह में शामिल हुए रानद सुप्रीमो श्रीकान्त त्यागी, गाजियाबाद से हरदोई तक दिखा जनसमर्थन
punjabkesari.in Friday, Jul 03, 2026 - 05:53 PM (IST)
लखनऊ : उत्तर प्रदेश की राजनीति में कई बार सामाजिक और सांस्कृतिक आयोजनों ने राजनीतिक विमर्श को नई दिशा दी है। जनपद हरदोई में भगवान परशुराम की मूर्ति स्थापना एवं अनावरण समारोह भी ऐसा ही एक अवसर बना, जिसने धार्मिक आस्था के साथ-साथ बदलते राजनीतिक संकेतों को भी सामने रखा।
इस आयोजन में राष्ट्रवादी नवनिर्माण दल के संस्थापक एवं राष्ट्रीय अध्यक्ष श्रीकान्त त्यागी की उपस्थिति केवल औपचारिक नहीं रही, बल्कि इसे पार्टी के बढ़ते जनसंपर्क अभियान और संगठनात्मक विस्तार के रूप में भी देखा गया। उनके दौरे के दौरान जनपद गाजियाबाद, अलीगढ़, एटा, फर्रुखाबाद एवं हरदोई में अनेक स्थानों पर पार्टी के असंख्यक कार्यकर्ताओं एवं स्थानीय नागरिकों द्वारा भव्य स्वागत किया गया। बड़ी संख्या में युवाओं, महिलाओं और विभिन्न सामाजिक वर्गों की उपस्थिति ने यह संकेत दिया कि पार्टी का जनाधार निरंतर विस्तार की ओर अग्रसर है।
राजनीतिक दृष्टि से भी यह दौरा इस लिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि हरदोई प्रशासन से दो महीने पूर्व भगवान परशुराम की प्रतिमा स्थापना किए जाने की अनुमिति प्रदान नहीं की थी, तदुपरांत जनपद हरदोई के पार्टी कार्यकर्ताओं द्वारा प्रतिमा स्थापना प्रकरण से रानद सुप्रीमो श्रीकान्त त्यागी को अवगत कराया गया। उक्त प्रकरण में श्रीकान्त त्यागी द्वारा उत्तर प्रदेश के समस्त जनपदों के पदाधिकारियों के हरदोई पहुंचने की घोषण की गई, जिसकी जानकारी तत्काल हरदोई प्रशासन को हो गई, जिसमें प्रशासन को यह भी खुफिया विभाग द्वारा जानकारी मिली की जनपद हरदोई में राष्ट्रवादी नवनिर्माण दल व भृगुवंशी समाज की भारी भीड़ एकत्रित होने जा रही है, जिसके चलते स्थानीय प्रशासन ने तत्काल भगवान परशुराम की प्रतिमा स्थापना की अनुमति प्रदान की।
रानद सुप्रीमो श्रीकान्त त्यागी की उपस्थिति से भगवान परशुराम प्रतिमा स्थापना के उपलक्ष्य में निकाली गई शोभायात्रा ऐतिहासिक बन गई। मार्गभर हजारों की संख्या में लोगों ने उनका स्वागत किया और शोभायात्रा में भारी जनसैलाब उमड़ पड़ा। श्रद्धा, उत्साह और जनसमर्थन से ओत-प्रोत इस आयोजन ने प्रदेश में राष्ट्रवादी नवनिर्माण दल के बढ़ते जनाधार की भी स्पष्ट झलक प्रस्तुत की। राष्ट्रवादी नवनिर्माण दल जिस प्रकार संगठनात्मक विस्तार, सामाजिक सरोकारों और वैचारिक मुद्दों के साथ आगे बढ़ रहा है, उसने प्रदेश की राजनीति में अपनी अलग पहचान बनाई है। रानद सुप्रीमो श्रीकान्त त्यागी की सक्रिय जनसंपर्क शैली और विभिन्न वर्गों के बीच बढ़ती स्वीकार्यता को पार्टी के उभरते प्रभाव के रूप में देखा जा रहा है।
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 की तैयारियों के बीच बदलते राजनीतिक समीकरणों में राष्ट्रवादी नवनिर्माण दल की भूमिका पर भी चर्चाएं तेज हो रही हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि पार्टी इसी गति से अपने संगठन का विस्तार और जनसंपर्क अभियान जारी रखती है, तो आगामी चुनाव में वह कई क्षेत्रों में प्रभावशाली एवं निर्णायक भूमिका निभाने की स्थिति में पहुंच सकती है। यह स्पष्ट है कि सामाजिक सरोकारों को राजनीतिक संवाद से जोड़ने की यह पहल प्रदेश की राजनीति में एक नए अध्याय की शुरुआत का संकेत दे रही है।

